भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर लगी मुहर, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, मेक इन इंडिया को मिलेगी वैश्विक ताकत; PM मोदी का बयान
भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के ऐलान के साथ ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी भारत के नक्शे ने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. इस नक्शे में जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है, जिसे अमेरिका के रुख में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
भारत और अमेरिका ने बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर पिछले हफ्ते सहमति बनी थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद के कारण भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को हटाने की घोषणा की है. आदेश में कहा गया है कि भारत ने रूसी तेल आयात बंद करने, अमेरिका से ऊर्जा खरीदने और रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है. यह फैसला 7 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा.
भारत और अमेरिका ने ऐतिहासिक ट्रेड डील की ओर एक और कदम बढ़ा दिया है. द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई देने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है. दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई है. यह आने वाले समय में दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) की नींव रखेगा. इससे अमेरिका के कई उत्पाद भारत में सस्ते होंगे तो वहीं भारत के कई उत्पादों को अमेरिका में राहत मिलेगी.
दोनों देशों के संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका ने न केवल टैरिफ से जुड़े अहम फैसले लिए हैं, बल्कि गैर‑शुल्क बाधाओं को हटाने पर भी सहमति बनी है.
समझिए भारत के लिए क्यों अहम है ट्रंप का ये फैसला?
25 प्रतिशत टैरिफ हटने से भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलेगी, जिससे निर्यात को सीधा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इससे भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे. साथ ही ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी. कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है और यह फैसला भारत के लिए कूटनीतिक व आर्थिक दोनों दृष्टियों से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
अमेरिकी सामान पर ये होगा असर
समझौते के तहत भारत ने अमेरिका से आने वाले औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ समाप्त करने या उनमें उल्लेखनीय कमी करने पर सहमति जताई है. इससे अमेरिकी उत्पादों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी. आइए जानते हैं कि अमेरिका के कौनसे उत्पाद भारत में सस्ते होंगे.
भारत 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदेगा
भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने को लेकर सहमत है. साथ ही प्रतिबंध लगाने वाली उन आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म करेगा जो अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करती हैं या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाती हैं.
इसके साथ ही भारत अगले 5 सालों में अमेरिका से 500 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा. साथ ही भारत और अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट और डेटा सेंटरों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित प्रौद्योगिकी उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे.
अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्रता से लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, जिससे इस फ्रेमवर्क के हिसाब से दोनों के बीच व्यापार समझौते को संपन्न किया जा सके.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस