कृषि कैबिनेट के बड़े फैसले : सीएम मोहन यादव ने किसानों को दी 28 हजार करोड़ की सौगात, 16 योजनाओं को मंजूरी; वरला-पानसेमल सिंचाई परियोजना को हरी झंडी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में हुई। भीलटदेव मंदिर की तलहटी पर बने 8 एकड़ के गार्डन को अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप दिया गया था। इस विशेष बैठक में करीब 25 मंत्री शामिल हुए, हालांकि कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल बैठक में नहीं पहुंचे।
मध्य प्रदेश के बड़वानी में कृषि कैबिनेट का आयोजन, सीएम ने किसानों के लिए कर दी बड़ी घोषणाएं, बोले, किसान कल्याण के लिए 27 हजार 746 करोड़ खर्च करेगी सरकार...
बड़वानी. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम पहुंचकर सबसे पहले ऐतिहासिक भिलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना की. उन्होंने भगवान भिलट देव से प्रदेश की सुख समृद्धि, किसानों की तरक्की और जनकल्याण की कामना की. यह पूजा किसान कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है. कैबिनेट में मंत्री और अन्य नेताओं ने मौके पर कहा कि आज बेहद खुशी का दिन है क्योंकि हम जनजातीय बहुल इलाके में पहुंचे हैं. यहां बैठकर आदिवासी समुदाय के विकास की रणनीति तैयार करेंगे. साथ ही बाबा भिलट देव महाराज के दर्शन और पूजा का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. यह कदम न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सरकार की आदिवासी क्षेत्रों में सक्रिय मौजूदगी और किसान-केंद्रित नीतियों को मजबूत करने की मंशा को दर्शाता है. निमाड़ अंचल के आदिवासी बहुल इलाकों में यह पहली कृषि कैबिनेट बैठक है जो स्थानीय मुद्दों पर फोकस करेगी.
भिलट देव मंदिर आदिवासी समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है जहां 800 साल पुरानी परंपराएं जुड़ी हैं. मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में उत्साह है. सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही है. बैठक के बाद मुख्यमंत्री किसानों से संवाद करेंगे. निमाड़ के 7 जिलों खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और अलीराजपुर पर विशेष ध्यान रहेगा जहां केला, कपास और मसाला फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है. सिंचाई, फूड प्रोसेसिंग और बाजार पहुंच जैसे मुद्दों पर फैसले संभव हैं. होली और भगोरिया पर्व से ठीक पहले यह कार्यक्रम आदिवासी समुदाय को साधने की रणनीति का हिस्सा लगता है.
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने की भिलट देव मंदिर में पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट के साथ भिलट देव मंदिर पहुंचकर पूजा की. प्रदेश की खुशहाली और किसानों की समृद्धि की प्रार्थना की. यह पूजा किसान कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत का प्रतीक बनी. उन्होंने कहा कि जनजातीय बहुल इलाके में पहुंचकर खुशी है. यहां बैठकर विकास की रणनीति बनाएंगे. बाबा भिलट देव के दर्शन का सौभाग्य मिला. आदिवासी समुदाय के साथ जुड़ाव पर जोर दिया.
किसान कल्याण वर्ष की शुरुआत
2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है. बैठक में कृषि को उद्योग से जोड़ने, आय दोगुनी करने और प्राकृतिक खेती पर फोकस रहेगा. निमाड़ क्षेत्र के किसानों को बड़ी सौगातें मिल सकती हैं.
कैबिनेट ने ये फैसले किए…
किसान कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं के लिए 27746 करोड़ रुपए मंजूर किए।
वरला ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी।
सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी।
बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।
बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाएंगे।
मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाएंगे।
नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान होगा।
महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी।
भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए सीएम ने 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
उड़द पर 600 रुपए बोनस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उड़द प्रोत्साहन के रूप में 600 रुपए का प्रति क्विंटल का बोनस प्रारंभ किया। इसके आधार पर लगभग 4.15 लाख हेक्टेयर में बोवनी की संभावना जताई गई हैं। सीएम ने कहा कि सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के तहत भुगतान कर मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य बना है। अब तिलहन में भी सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। सरसो का अनुमानित उत्पादन 15.71 लाख मैट्रिक टन होगा। सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोषण कार्यक्रम की निरंतरता के लिए पांच वर्षों के लिए 3285 करोड़ रुपए देने का प्रयास किया है। यह राशि धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज की फसलों से जुड़ी है।
बड़वानी में बनेगी आधुनिक सब्जी मंडी
मुख्यमंत्री ने कहा कि निमाड़ में केला, आम, सब्जियों और अन्य फसलों के बड़े उत्पादन को देखते हुए सब्जी मंडी स्थापित होगी। ताकि यहां के किसानों को अपनी फसल बेचने की सुविधा और उचित दाम मिल सके। खेतिया उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाने की मांग आई। सीएम ने कहा कि बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाएगा। इसमें लगभग 10 करोड रुपए की लागत आएगी।
दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदाघाटी विकास के तहत बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसमें बरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी है। इसमें 15 गांवों की 15,500 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस पर 861 करोड़ रुपए की लागत आएगी। वहीं, पानसेमल सिंचाई परियोजना में 53 गांवों की 22,500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। इसकी अनुमानित लागत1208 करोड़ रुपए आएगी।
मछुआ कल्याण और नर्मदा सरोवर के डूब प्रभावित मछुआ के आजीविका को बढ़ाने के लिए 5 हजार केजों के माध्यम से हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स फिस फार्मिंग इकोटूरिज्म को बढ़ावा देगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में क्लस्टर और फूड प्रोसेसिंग इकाई की नीति को पांच साल के लिए स्वीकृति दी गई है."
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस