MP कांग्रेस का बड़ा बदलाव!चार जिलों की कार्यकारिणी घोषित की:57 विधानसभाओं में मंडलम और 88 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति

एमपी कांग्रेस ने चार जिलों की जिला कांग्रेस कमेटी की घोषणा की है। बीते 30 जनवरी को छिंदवाड़ा, मऊगंज, झाबुआ और सागर की जिला कांग्रेस कमेटियां घोषित हुई थीं। जिनको एआईसीसी का आदेश आने के बाद होल्ड कर दिया गया था। अब एआईसीसी की गाइडलाइन के मुताबिक जिला कांग्रेस कमेटी गठित की गई है।

MP कांग्रेस का बड़ा बदलाव!चार जिलों की कार्यकारिणी घोषित की:57 विधानसभाओं में मंडलम और 88 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए चार जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित करते हुए थोक में नई नियुक्तियां की हैं. PCC अध्यक्ष जीतू पटवारी की सहमति से नगर और मंडल स्तर तक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.

MP Congress News: मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है. पार्टी ने प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के मकसद से थोक में नई नियुक्तियों की घोषणा की है. PCC अध्यक्ष जीतू पटवारी की सहमति के बाद नए क्राइट एरिया फॉर्मूले के तहत चार जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित की गई है. इसमें श्योपुर, बड़वानी, कटनी और जबलपुर शामिल हैं. इसका सबसे बड़ा मकसद यह है कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है.

कांग्रेस ने जिला कार्यकारिणी के गठन में साफ फॉर्मूला अपनाया है. बड़े जिलों में 51 सदस्य और छोटे जिलों में 31 सदस्यों की सीमा तय की गई है. इसी नियम के तहत चारों जिलों में पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा संगठन को नीचे तक मजबूत करने के लिए 88 नगर अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं. पार्टी नेताओं का मानना है कि इससे नगर स्तर पर कांग्रेस की पकड़ और मजबूत होगी और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी.

दिल्ली बैठक में फैसला

मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में हुई अहम बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी संजय कांबले ने बताया कि बैठक में हाईकमान ने जल्द जिला कार्यकारिणी बनाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद AICC की गाइडलाइन के मुताबिक, सबसे पहले छोटी कार्यकारिणी घोषित की गई है. हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 15 मंडल बनाने पर सहमति बनी, ताकि संगठन का ढांचा गांव-गांव तक सक्रिय रूप से काम कर सके.

कांग्रेस का साफ संदेश

पार्टी ने यह भी साफ किया है कि मार्च महीने तक बाकी जिलों की कार्यकारिणी भी घोषित कर दी जाएगी. इसके साथ ही 57 विधानसभा क्षेत्रों में मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है. संगठन का मानना है कि नए चेहरों को जिम्मेदारी देने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा. कांग्रेस नेतृत्व का संदेश साफ है कि आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत, अनुशासित और सक्रिय बनाना प्राथमिकता है.