मोहन यादव का बड़ा फैसला-मध्य प्रदेश में क्रूज ऑपरेशन पर रोक, बरगी हादसे की होगी हाईलेवल जांच, मारे गए लोगों के परिजनों से की मुलाकात
जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में 9 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे मध्य प्रदेश में क्रूज ऑपरेशन पर रोक लगा दी है। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सांत्वना दी और हाईलेवल जांच के आदेश दिए। सरकार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कई कर्मचारियों को हटाया और निलंबित किया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन (SOP) तैयार करने की बात कही है।
सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा फैसला: प्रदेश में क्रूज ऑपरेशन पर रोक
बरगी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार
जबलपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिले सीएम, माहौल हुआ भावुक
बेटियों को गले लगाकर दिया भरोसा, हर संभव मदद का आश्वासन
सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा फैसला: मध्य प्रदेश में क्रूज ऑपरेशन पर रोक, बरगी हादसे की होगी हाईलेवल जांच
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद राज्य सरकार ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रदेश में फिलहाल क्रूज संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य प्रभावित परिवार गहरे सदमे में हैं।
पीड़ित परिवारों से मिले सीएम, माहौल हुआ भावुक
शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जबलपुर पहुंचे और बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन हो गया। अपने प्रियजनों को खो चुके परिवारों का दर्द देखकर मुख्यमंत्री खुद भी भावुक नजर आए।
उन्होंने कई बच्चों को गले लगाया और बेटियों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें ढांढस बंधाया। इस मुलाकात के दौरान न सिर्फ पीड़ित परिवारों की आंखें नम थीं, बल्कि मुख्यमंत्री की संवेदनाएं भी साफ झलक रही थीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मुश्किल समय में हर परिवार के साथ खड़ी है।
“कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा”
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना की गहन जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएम ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा खराब मौसम और चक्रवात जैसी स्थिति के कारण हुआ, लेकिन असली कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
हाईलेवल कमेटी करेगी जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक हाईलेवल जांच समिति गठित की है। इस समिति में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक, मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे।
यह समिति तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच करेगी:
दुर्घटना के वास्तविक कारणों की शुरुआत से पड़ताल
हादसे के समय की परिस्थितियों का विश्लेषण
सुरक्षा प्रोटोकॉल और नियमों का पालन हुआ या नहीं
सीएम ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पूरे प्रदेश में क्रूज संचालन पर रोक
बरगी हादसे के बाद राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर पूरे मध्य प्रदेश में क्रूज ऑपरेशन पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक सभी सुरक्षा मानकों की समीक्षा और नई गाइडलाइन तैयार नहीं हो जाती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नौका पर्यटन, क्रूज टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए जल्द ही एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जाएगा। इसमें यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
हादसे के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त
बोट क्लब बरगी और होटल मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर सुनील मरावी निलंबित
रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राहत और बचाव कार्य में तेजी
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर तैनात किया गया। तेज हवा और खराब मौसम के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहा।
सीएम ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया था।
सरकार हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। आर्थिक सहायता, पुनर्वास और अन्य जरूरी मदद के लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के जीवन पर गहरा आघात है। सरकार उनकी हर जरूरत में साथ खड़ी रहेगी।”
भविष्य में नहीं दोहराई जाएगी ऐसी घटना
बरगी डैम हादसे ने प्रदेश में पर्यटन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार अब इस दिशा में सख्त कदम उठाने के मूड में है।
नई SOP के तहत:
क्रूज और नाव संचालन के लिए सख्त नियम
मौसम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग
यात्रियों की संख्या और सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करना
जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे।
बरगी डैम का यह हादसा न केवल प्रशासनिक लापरवाही बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमजोरियों को भी उजागर करता है। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के त्वरित फैसले—जैसे क्रूज ऑपरेशन पर रोक और हाईलेवल जांच—यह संकेत देते हैं कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट क्या खुलासा करती है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कितने प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस