मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनोखे अंदाज ने सबको चौंकाया,ई-व्हीकल से भीमनगर पहुंचकर सीएम ने बोर्ड टॉपर चांदनी से मुलाक़ात की - साथ में ली सेल्फी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत भोपाल के भीम नगर पहुंचे। उन्होंने ईवी चलाकर क्षेत्र का दौरा किया, लोगों से संवाद किया और एमपी बोर्ड की 12वीं टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर जाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ सेल्फी ली और चांदनी की सफलता को प्रेरणादायक बताया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनोखे अंदाज ने सबको चौंकाया,ई-व्हीकल से भीमनगर पहुंचकर सीएम ने बोर्ड टॉपर चांदनी से मुलाक़ात की - साथ में ली सेल्फी

चांदनी और उनके परिजनों से की आत्मीय मुलाकात, परिवार संग ली सेल्फी

– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चांदनी की उत्कृष्ट सफलता पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

– सीएम ने कहा विषम परिस्थितियों में भी चांदनी ने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो उपलब्धि हासिल की है, वह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने रविवार को राजधानी भोपाल के भीमनगर क्षेत्र में पहुंचकर एक अलग ही अंदाज में लोगों का दिल जीत लिया। विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वीआईपी काफिले की जगह इलेक्ट्रिक वाहन (ई-व्हीकल) का उपयोग किया और संकरी गलियों में पहुंचकर सीधे नागरिकों से संवाद किया। उनके इस अनोखे अंदाज ने स्थानीय लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया और क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया।

मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं, जरूरतों और अपेक्षाओं को करीब से समझने का प्रयास किया। भीमनगर की गलियों में ई-व्हीकल से पहुंचते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जबकि कुछ ने अपनी स्थानीय समस्याओं से भी उन्हें अवगत कराया।

दौरे का सबसे खास और भावुक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने चांदनी को उसकी शानदार सफलता के लिए बधाई दी और उसे सम्मानित किया। उन्होंने चांदनी के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से भी मुलाकात की तथा उनकी मेहनत और सहयोग की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने चांदनी से उसकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और सफलता के पीछे की कहानी के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि चांदनी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उसने जिस प्रकार कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, वह अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या विशेष सुविधा की मोहताज नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चांदनी के जीवन से प्रेरणा लेने और शिक्षा को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाने का आह्वान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने चांदनी और उसके परिवार के साथ आत्मीय समय बिताया। उन्होंने परिवार के साथ बैठकर बातचीत की और यादगार पल के रूप में सेल्फी भी ली। मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने का अवसर मिलने पर चांदनी और उसके परिवार की खुशी देखते ही बन रही थी। यह तस्वीरें क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रहीं और लोगों ने मुख्यमंत्री के इस सरल एवं सहज व्यवहार की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इलेक्ट्रिक वाहन न केवल ईंधन की बचत करते हैं, बल्कि प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और बढ़ेगा तथा सरकार इस दिशा में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाकर स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दें।

भीमनगर के निवासियों ने मुख्यमंत्री के इस दौरे को विशेष बताया। स्थानीय लोगों का कहना था कि आमतौर पर बड़े नेताओं तक पहुंच पाना आसान नहीं होता, लेकिन मुख्यमंत्री स्वयं उनके बीच पहुंचे, उनकी बातें सुनीं और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

महिलाओं ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में पेयजल, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। वहीं बच्चों से बातचीत करते हुए उन्होंने शिक्षा, खेल और संस्कारों के महत्व पर भी जोर दिया।

दौरे के दौरान पूरे भीमनगर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। गलियों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई मुख्यमंत्री की एक झलक पाने को उत्सुक नजर आया। मुख्यमंत्री ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए उनसे आत्मीयता के साथ संवाद किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब, किसान, महिला, युवा और विद्यार्थियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं और उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा।

मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनता से सीधे जुड़ने और उनके बीच विश्वास का संबंध मजबूत करने का प्रयास साबित हुआ। ई-व्हीकल से पहुंचकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना, बोर्ड टॉपर चांदनी विश्वकर्मा को सम्मानित करना और आम लोगों के बीच सहजता से समय बिताना इस दौरे की सबसे बड़ी विशेषता रही। भीमनगर के लोगों के लिए यह दिन लंबे समय तक यादगार बना रहेगा, वहीं चांदनी विश्वकर्मा के लिए मुख्यमंत्री के साथ बिताए गए पल उसकी सफलता की कहानी में एक नया अध्याय जोड़ गए।