अपराधियों में दहशत: रातभर चली शाजापुर पुलिस की प्रभावी कॉम्बिंग गश्त, 47 स्थायी वारंटी गिरफ्तार

शाजापुर पुलिस ने 14-15 जून की रात जिलेभर में व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशन में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान के दौरान 47 स्थायी वारंटी गिरफ्तार किए गए, 78 गिरफ्तारी वारंट तामील हुए तथा 10 हजार रुपये के इनामी एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को भी पकड़ा गया। पुलिस ने 73 गुंडा बदमाशों, 104 निगरानीशुदा अपराधियों और 12 जिला बदर बदमाशों की जांच की

अपराधियों में दहशत: रातभर चली शाजापुर पुलिस की प्रभावी कॉम्बिंग गश्त, 47 स्थायी वारंटी गिरफ्तार

अजय राज केवट माही

प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस भोपाल मध्य प्रदेश

शाजापुर पुलिस का मेगा ऑपरेशन, रातभर अपराधियों के ठिकानों पर दबिश

कॉम्बिंग गश्त से अपराधियों में खौफ, 125 वारंटों पर कार्रवाई

शाजापुर में पुलिस का सख्त एक्शन, वारंटी और निगरानीशुदा बदमाशों की धरपकड़

शाजापुर जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा एक व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय के नेतृत्व में 14-15 जून 2026 की मध्यरात्रि को जिलेभर में विशेष अभियान संचालित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधियों पर निगरानी रखना, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना तथा जिले में शांति एवं सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना था।

अभियान में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और पुलिस बल के जवानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कॉम्बिंग गश्त पर रवाना होने से पूर्व पुलिस अधीक्षक ने सभी टीमों को विस्तृत ब्रीफिंग देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर पूरी रात निगरानी रखी और पुलिस टीमों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया।

इस विशेष अभियान में 300 से अधिक पुलिसकर्मी मैदान में उतरे और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने सक्रिय अपराधियों, फरार आरोपियों, हिस्ट्रीशीटरों तथा निगरानीशुदा बदमाशों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान बड़ी संख्या में वारंटियों की गिरफ्तारी की गई और कई महत्वपूर्ण मामलों में सफलता प्राप्त हुई।

कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने 47 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 78 गिरफ्तारी वारंटों की तामील भी की गई। पुलिस ने 12 जिला बदर अपराधियों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। वहीं 73 गुंडा बदमाशों और 104 निगरानीशुदा बदमाशों की जांच-पड़ताल कर उनके रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया।

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक एनडीपीएस एक्ट के तहत घोषित 10 हजार रुपए के इनामी वारंटी की गिरफ्तारी रही। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की तलाश पुलिस को थी और कॉम्बिंग गश्त के दौरान उसे पकड़ने में सफलता मिली। इससे पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

पुलिस ने केवल अपराधियों के विरुद्ध ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि सार्वजनिक स्थलों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की भी गहन जांच की। अभियान के दौरान जिलेभर में 35 होटल, लॉज, ढाबों और धर्मशालाओं की सघन जांच की गई। यहां ठहरे लोगों की पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तथा संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी एकत्रित की गई।

इसके अतिरिक्त बैंक, एटीएम, बाजार क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस टीमों ने इन स्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस का मानना है कि इस प्रकार की सतर्कता से चोरी, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

अभियान के दौरान आबकारी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए गए अभियान में पांच प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया।

कॉम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने जेल से रिहा हुए अपराधियों तथा संदिग्ध व्यक्तियों के घरों और संभावित ठिकानों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। कई लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि वे किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और उन्हें अपराध से दूर रखना है।

पुलिस ने गुंडा एवं हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के रिकॉर्ड को अद्यतन करने का कार्य भी किया। उनके वर्तमान पते, गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी एकत्रित कर रिकॉर्ड में शामिल की गई। अधिकारियों का कहना है कि नियमित निगरानी और रिकॉर्ड अपडेट होने से अपराध की संभावनाओं को समय रहते रोका जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शाजापुर पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर लगातार निगरानी रखना और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने आगे कहा कि जिले में शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए इस प्रकार के विशेष अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे। आम नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास को बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

रातभर चले इस व्यापक अभियान से अपराधियों में दहशत का माहौल देखा गया। पुलिस की सक्रियता और लगातार की जा रही कार्रवाई से आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। जिलेभर में चलाए गए इस अभियान को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम माना जा रहा है।