मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सादगी भरा अंदाज: किसान के घर खाट पर बैठकर किया भोजन, बच्चों संग मनाया जन्मदिन

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन के अवसर पर सादगी और जनसंपर्क का अनोखा उदाहरण पेश किया। उन्होंने एक किसान के घर खाट पर बैठकर भोजन किया, बच्चों के साथ समय बिताया और गाय को चारा खिलाकर ग्रामीण संस्कृति व गौसेवा का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सादगी भरा अंदाज: किसान के घर खाट पर बैठकर किया भोजन, बच्चों संग मनाया जन्मदिन

सीएम ने गांव में बिताए खास पल, गाय को चारा खिलाकर दिया गौसेवा का संदेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपना 61वां जन्मदिन सादगी और जनसंपर्क के बीच मनाया। इस मौके पर पीएम मोदी, अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, जबकि सीएम ने दिन की शुरुआत गौ सेवा से की।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिन पर सादगी की मिसाल पेश की। वे सागर जिले के मोइली गांव में एक किसान हरि रैकवार के घर पहुंच गए। दरअसल, किसान ने उन्हें अपने घर खाने का न्योता दिया था, जिसे मुख्यमंत्री ने तुरंत स्वीकार कर लिया।

वहां पहुंचकर CM ने पूरे परिवार के साथ बैठकर सादा भोजन किया, बच्चों से बात की और किसान की समस्याएं भी सुनीं।

मुख्यमंत्री की इस सादगी और अपनापन देखकर परिवार भावुक हो गया। किसान हरि रैकवार ने कहा कि आज उन्हें बहुत बड़ा सम्मान मिला है।

एक बार फिर CM मोहन यादव ने दिखा दिया कि वे आम लोगों से जुड़े नेता हैं।

साधारण कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री तक का सफर

सीएम हाउस, भोपाल में सुबह 10 से 11:30 बजे तक आमजन और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। छात्र राजनीति से शुरू हुई उनकी यात्रा आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक पहुंच चुकी है। 11 दिसंबर 2023 को भोपाल में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में जब उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव के नाम पर मुख्यमंत्री पद के लिए मुहर लगी, तब वे बैठक में तीसरे नंबर की पंक्ति में बैठे थे। मोहन यादव के अनुसार उनका नाम जब विधायक दल कि बैठक में लिया गया, उसके पहले तक उनको कुछ पता नहीं था। दो बार नाम लिए जाने के बाद वह सामने की पक्ति में आए। यह दृश्य उनकी साधारण कार्यकर्ता से राज्य के शीर्ष पद तक पहुंचने की यात्रा का प्रतीक बन गया। मोहन यादव की यात्रा संघर्ष और मेहनत से भरी हुई, दूसरी तरफ उनका व्यक्तित्व उतना ही सरल हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन्म दिवस की शुरुआत गौ माता को ग्रास देकर, उन्हें दुलार कर की।

वन्यजीव संरक्षण के साथ मनाया जन्मदिन

डॉ. मोहन यादव अपनी सादगी के लिए भी जाने जाते हैं। वे अपना जन्मदिन भी बेहद साधारण तरीके से मनाते हैं। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनका लंबा राजनीतिक सफर रहा है, जो संघर्ष से शुरू होकर सफलता तक पहुंचने की प्रेरक कहानी बयां करता है। उनकी सफलता की कहानी गरीबी, संघर्ष और अथक मेहनत की मिसाल है। सीएम रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बामनेर नदी में दर्जन भर कछुओं को आजाद करेंगे। साथ ही चीता पुनर्वास बामा लॉन्च करने का कार्यक्रम भी है। यह पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।