ग्लोबल संकट के बीच सरकार की RELIEF योजना से निर्यातकों को बड़ी राहत – चम्पालाल बोथरा
सरकार ने RELIEF योजना के तहत दिया बड़ा सपोर्ट • ECGC के जरिए मिलेगा war risk कवर और बीमा राहत • MSME निर्यातकों को ₹50 लाख तक की विशेष सहायता • UAE, Saudi Arabia समेत कई बाजारों को मिलेगा फायदा • निर्यात लागत घटेगी, ऑर्डर कैंसिलेशन पर लगेगी रोक • सप्लाई चेन मजबूत, रोजगार पर पड़ेगा सकारात्मक असर • बोथरा ने योजना की अवधि बढ़ाने की उठाई मांग
ग्लोबल संकट के बीच RELIEF योजना से निर्यातकों को बड़ी राहत
Surat,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमेन चम्पालाल बोथरा ने भारत सरकार द्वारा जारी Directorate General of Foreign Trade (DGFT) की Notification No. 65/2025-26 का स्वागत करते हुए इसे निर्यातकों के लिए समयोचित और राहतकारी कदम बताया है।
बोथरा ने बताया कि उन्होंने लगभग 7 दिन पूर्व ही केंद्र सरकार से Gulf एवं West Asia क्षेत्र में बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत, बीमा प्रीमियम एवं war risk surcharge को देखते हुए विशेष राहत पैकेज की मांग की थी। सरकार द्वारा इस दिशा में त्वरित निर्णय लेना सराहनीय है।
बोथरा ने कहा कि Gulf एवं West Asia क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर Strait of Hormuz के आसपास की परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, बीमा प्रीमियम एवं लॉजिस्टिक्स लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके चलते भारतीय निर्यातकों, विशेषकर टेक्सटाइल एवं MSME सेक्टर पर गंभीर आर्थिक दबाव बना है।
सरकार द्वारा शुरू की गई RELIEF (Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation) योजना के अंतर्गत निर्यातकों को तीन स्तरों पर सहायता प्रदान की जाएगी, जिसका क्रियान्वयन Export Credit Guarantee Corporation of India (ECGC) द्वारा किया जाएगा।
???? योजना की प्रमुख विशेषताएं:
1. पहले से ECGC बीमित निर्यातकों के लिए सहायता
• 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच हुए शिपमेंट्स पर
• War एवं Political Risk के लिए enhanced cover
• 100% तक नुकसान की भरपाई का प्रावधान
• बीमा प्रीमियम में वृद्धि नहीं होगी
2. आगामी निर्यात के लिए प्रोत्साहन
• 16 मार्च से 15 जून 2026 के शिपमेंट्स पर लागू
• ECGC बीमा को बढ़ावा
• 95% तक जोखिम कवर
• प्रीमियम को पूर्व स्तर पर बनाए रखने की व्यवस्था
3. MSME निर्यातकों के लिए विशेष राहत
• अतिरिक्त freight एवं insurance charges पर राहत
• CIF contracts में 50% तक reimbursement
• FOB contracts में कम हुए निर्यात मूल्य की आंशिक भरपाई
• प्रति निर्यातक ₹50 लाख तक सहायता सीमा
बोथरा ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से UAE, Saudi Arabia, Qatar, Oman, Kuwait, Bahrain, Iraq, Iran, Israel एवं Yemen जैसे प्रमुख निर्यात बाजारों में व्यापार करने वाले भारतीय निर्यातकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस योजना से न केवल निर्यात लागत का दबाव कम होगा, बल्कि निर्यात ऑर्डर कैंसिलेशन को रोका जा सकेगा, सप्लाई चेन को स्थिरता मिलेगी और रोजगार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अंत में बोथरा ने सरकार से आग्रह किया कि यदि वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रहती हैं तो इस योजना की अवधि को बढ़ाया जाए तथा टेक्सटाइल सेक्टर के लिए विशेष पैकेज भी लाया जाए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस