भोपाल में बड़ा हादसा: सागर प्लाजा की लिफ्ट गिरने से 7 पत्रकार घायल, दो की हालत गंभीर

एमपी नगर जोन-2 स्थित सागर प्लाजा में चौथी मंजिल से लिफ्ट नीचे गिर गई है। लिफ्ट में सवार 7 लोग बताए जा रहे हैं, जो घायल हो गए है। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही हैं। बताया जा रहा क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिस वजह से यह हादसा हुआ है।

भोपाल में बड़ा हादसा: सागर प्लाजा की लिफ्ट गिरने से 7 पत्रकार घायल, दो की हालत गंभीर

भोपाल के एमपी नगर जोन-2 के सागर प्लाजा के लिफ्ट बुधवार की शाम को तीसरी मंजिल से गिर गई।

भोपाल के एमपी नगर जोन-2 स्थित सागर प्लाजा में बुधवार शाम एक गंभीर हादसा हो गया, जब एक लिफ्ट अचानक तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में लिफ्ट में सवार सात लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल पत्रकार हैं, जो अपने एक साथी से मुलाकात कर वापस लौट रहे थे।

कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, पत्रकार रिजवान अहमद सिद्दीकी, सुशील त्रिपाठी, दिलीप भदोरिया, अनीता चौबे, प्रगति श्रीवास्तव और सादिया खान सहित अन्य साथी सागर प्लाजा स्थित एक कार्यालय में गए थे। मुलाकात के बाद जब वे सभी लिफ्ट के जरिए नीचे आ रहे थे, तभी अचानक लिफ्ट तीसरी मंजिल से गिर गई।

घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। लिफ्ट के गिरते ही अंदर मौजूद लोग बुरी तरह घायल हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

घायलों की स्थिति

हादसे में सभी सात लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें से रिजवान अहमद सिद्दीकी और सुशील त्रिपाठी को गंभीर चोटें आई हैं, खासतौर पर उनके पैरों में फ्रैक्चर और गहरी चोट की आशंका जताई जा रही है।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

रिजवान अहमद सिद्दीकी का इलाज नर्मदा अस्पताल में चल रहा है

सुशील त्रिपाठी को सेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है

अन्य घायलों का भी इलाज जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है

मौके पर मची अफरा-तफरी

हादसे के तुरंत बाद सागर प्लाजा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को लिफ्ट से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट गिरने की आवाज काफी तेज थी, जिससे बिल्डिंग में मौजूद लोग घबरा गए और नीचे की ओर दौड़ पड़े।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

प्राथमिक जांच में लिफ्ट के मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

बिल्डिंग प्रबंधन की लापरवाही सामने आई

हादसे के बाद बिल्डिंग प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव में गंभीर कमी थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस लिफ्ट में पहले भी तकनीकी खराबी की शिकायतें आई थीं, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय रहते मरम्मत और सुरक्षा जांच की जाती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने शहर की व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन बिल्डिंग्स में जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, वहां लिफ्ट जैसी सुविधाओं का सुरक्षित होना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लिफ्ट की नियमित सर्विसिंग, ओवरलोड सेंसर और इमरजेंसी ब्रेक सिस्टम का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी होता है। इनमें से किसी एक में भी कमी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

हादसे के बाद पत्रकार संगठनों और स्थानीय लोगों ने बिल्डिंग प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे लोगों की जान खतरे में पड़ती है।

प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल के सागर प्लाजा में हुआ यह हादसा एक गंभीर चेतावनी है कि शहरी इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन जांच में जुटा हुआ है।

अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।