डांसिंग कॉप रंजीत को मिली सजा:विवादों के बाद रणजीत सिंह से हेड कॉन्स्टेबल की पोस्ट छीनी,अश्लील चैटिंग के आरोप में डिमोशन!
अपने डांस स्टेप्स के जरिए ट्रैफिक संभालने वाले डांसिंग कॉप का हुआ डिमोशन, महिला के आरोपों के बाद वापस अपने पद पर लौटे.
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के फेमस डांसिंग कॉप रणजीत सिंह मुश्किलों में फंसते नजर आ रहे हैं।
इंदौर पुलिस के चर्चित 'डांसिंग कॉप' रंजीत सिंह पर पुलिस कमिश्नर दफ्तर से कार्रवाई की गाज गिर गई है। रंजीत पर अनुशासनहीनता और महिला के गंभीर आरोपों के खिलाफ जांच चल रही थी। इसी मामले को लेकर उनका डिमोशन हो गया है। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रधान आरक्षक से आरक्षक के पद पर डिमोट कर दिया है।
महिला ने लगाए थे अश्लील मैसेज के आरोप
ट्रैफिक विभाग में पदस्थ रंजीत सिंह पर एक महिला ने सोशल मीडिया के जरिए अश्लील मैसेज और परेशान करने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद इन अश्लील चैटिंग के आरोपों की जांच पुलिस विभाग में चल रही थी, जानकारी के मुताबिक, जांच में रंजीत सिंह के खिलाफ दोष पाए जाने के बाद इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए रंजीत सिंह को प्रधान आरक्षक पद से डिमोट कर आरक्षक बना दिया है। जांच में सामने आया कि रंजीत सिंह ने इंस्टाग्राम के जरिए एक युवती को अश्लील संदेश भेजे थे और होटल में रुकने की बात भी कही थी।
लाइन अटैच कार्रवाई के बाद भी अनुशासनहीनता
महिला से विवाद और शिकायत के बाद वरिष्ठ अफसरों ने कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच किया गया था, लेकिन लाइन अटैच रहने के बावजूद भी वह सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहे। विभागीय कार्रवाई की बावजूद अफसरों के निर्देशों और विभाग के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगा, जिसकी जांच के बाद उन पर ये एक्शन लिया गया है। अनुशासनहीनता और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच पूरी की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के आचरण को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभागीय आदेश और आधिकारिक पुष्टि
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर में तैनात कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रंजीत सिंह को विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर उच्च पद का प्रभार छोड़ना पड़ा है। इस संबंध में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से आधिकारिक जानकारी साझा की गई है। आदेश के मुताबिक रंजीत सिंह अब अपनी सेवाएं मूल पद आरक्षक के रूप में देंगे। विभाग ने यह कदम जांच में सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
आरोपों की जांच के बाद लिया फैसला
यह पूरा मामला मुंबई की एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा है। महिला ने रंजीत सिंह पर सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लील चैटिंग करने और इंदौर बुलाकर मिलने का दबाव बनाने के आरोप लगाए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग ने उन्हें तुरंत फील्ड ड्यूटी से हटाकर लाइन अटैच कर दिया था। इसके पश्चात मुख्यालय डीसीपी को विस्तृत जांच सौंपी गई थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह डिमोशन की कार्रवाई की गई है।
कौन हैं रंजीत सिंह?
इंदौर ट्रैफिक पुलिस में पदस्थ रंजीत सिंह अपनी अनूठी स्टाइल से ट्रैफिक कंट्रोल करने से सुर्खियां बने। सोशल मीडिया में चौराहे पर खड़े होकर अलग अंदाज में ट्रैफिक कंट्रोल के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने पर काफी चर्चा में आए। लोग इनके स्टाइल और ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल के वीडियो काफी पसंद करने लगे। इंदौर का सुपर कॉर्प का नाम इनको सोशल मीडिया पर मिला। रंजीत सिंह हाईकोर्ट चौराहे पर ड्यूटी के दौरान डांस वीडियो और सोशल मीडिया एक्टिविटी को लेकर पहले से ही सुर्खियों में रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस