CM डॉ. मोहन यादव ने की कड़ी निंदा,बोले -राष्ट्रपति को हल्की राजनीति में घसीटा गया, यह घृणित मानसिकता, ममता बनर्जी माफी मांगे

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का विवाद खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या किसी मंत्री ने उनका स्वागत नहीं किया। इस पर मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने ममता बनर्जी के व्यवहार की कड़ी निंदा की।

CM डॉ. मोहन यादव ने की कड़ी निंदा,बोले -राष्ट्रपति को हल्की राजनीति में घसीटा गया, यह घृणित मानसिकता, ममता बनर्जी माफी मांगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव नेपश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान शिष्टाचार और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर यादव ने इसे 'घृणित मानसिकता' का परिचायक बताया और ममता बनर्जी से सार्वजनिक माफी की मांग की.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत के मुद्दे पर प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की निंदा की और ममता बनर्जी से माफी मांगने को कहा. उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य की ममता सरकार ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया, न ही लोकतंत्र के सर्वोच्च पद की गरिमा का ध्यान रखा। 

दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 मार्च को जब सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासियों की सभा को संबोधित करने पहुंचीं तो उनका स्वागत करने न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गईं और न ही कोई अन्य मंत्री मौजूद था. 

इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के बंगाल प्रवास के दौरान वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा जो व्यवहार किया गया, वह सर्वथा निंदनीय है. लोकतंत्र के सर्वोच्च पद पर प्रतिष्ठित राष्ट्रपति का पद, हम सभी के लिए राजनीति से ऊपर है. ऐसे समय में जब राष्ट्रपति वहां के राजकीय दौरे पर हैं, ऐसे में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राष्ट्रपति की गरिमा का पूरा ध्यान रखना चाहिए था. 

CM यादव ने कहा, ''किसी भी प्रकार के ऐसे हालात बनना जिसके कारण दुनिया में भारत के राष्ट्रपति के पद का अपमान हो, उनकी गरिमा को ठेस पहुंचे, यह किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता. मैं इसकी कठोर शब्दों में निंदा करता हूं. दुखद है कि राष्ट्रपति जी के दौरे को हल्की राजनीति का हिस्सा बनाते हुए, स्थानीय और दलगत राजनीति में घसीटना, घृणित मानसिकता का उदाहरण है. मैं उम्मीद करता हूं कि ममता बनर्जी इस बात को गंभीरता से लेते हुए तुरंत माफी मांगेगी. जिस तरह के हालात घटे हैं, यह बंगाल सरकार के लिए बेहद शर्मनाक है.''

घृणित मानसिकता’ का उदाहरण बताया

डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए जिससे देश के राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के दौरे को स्थानीय या दलगत राजनीति में घसीटना बेहद गलत है और यह घृणित मानसिकता का उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों की प्रतिष्ठा है और ऐसे मामलों से देश की छवि प्रभावित होती है। इसलिए इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

ममता बनर्जी से माफी की मांग

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मामले की गंभीरता को समझेंगी और राष्ट्रपति के प्रति सम्मान जताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह के हालात सामने आए हैं, वह पश्चिम बंगाल सरकार के लिए बेहद शर्मनाक हैं और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं।

राजनीतिक गलियारों में अब इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।