हर किसान की बनेगी डिजिटल पहचान, जनपद की प्रत्येक पंचायत सचिवालय से फार्मर रजिस्ट्री अभियान का लगाया गया विशेष कैम्प
उरई में डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) अभियान की शुरुआत की, जो 6 से 15 अप्रैल 2026 तक सभी ग्राम पंचायतों में चलेगा। इसका उद्देश्य हर किसान को डिजिटल पहचान देकर सरकारी योजनाओं—खासकर पीएम किसान सम्मान निधि—का लाभ आसान बनाना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी किसान छूटे नहीं और घर-घर जाकर 100% पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने दिए निर्देश, कोई भी किसान न छूटे, घर-घर पहुंचकर बनाएं किसान आईडी
उरई । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम पंचायत बोहदपुरा के पंचायत सचिवालय में फार्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) अभियान के विशेष कैम्प का शुभारंभ कर जनपद में किसानों के डिजिटल सशक्तिकरण की पहल को गति दी। कैम्प में बड़ी संख्या में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराई गई, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान 06 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक किसान को अपनी डिजिटल पहचान प्रदान की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी पंचायत सचिवालय में पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ लेने में उन्हें कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही अन्य कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं में भी पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी।जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायकों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र किसान छूटने न पाए। उन्होंने कहा कि टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें, जिससे शत-प्रतिशत कवरेज प्राप्त किया जा सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संजय कुमार, उप कृषि निदेशक एस.के. उत्तम, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस