हालात नहीं सुधरे तो मिट जाएंगी दशकों की उपलब्धियां: ऊर्जा संकट और युद्ध पर पीएम मोदी की दुनिया को बड़ी चेतावनी

5 दिवसीय यूरोप दौरे पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (16 मई) को नीदरलैंड के शहर हेग पहुंचे. यहां पर भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया. हेग में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी भावुक हो गए.

हालात नहीं सुधरे तो मिट जाएंगी दशकों की उपलब्धियां: ऊर्जा संकट और युद्ध पर पीएम मोदी की दुनिया को बड़ी चेतावनी

प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड्स में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए वैश्विक परिस्थितियों के कारण दुनिया की बड़ी आबादी के फिर से गरीब होने की चेतावनी दी। उन्होंने कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-ईरान संघर्ष से उपजे ऊर्जा संकट व महंगाई को इसका मुख्य कारण बताया, जिससे गरीबों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक तनाव, युद्ध और बढ़ते ऊर्जा संकट को लेकर दुनिया को गंभीर चेतावनी दी है। इन दिनों पांच देशों के दौरे पर निकले पीएम मोदी नीदरलैंड के हेग शहर पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने दुनिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर समय रहते परिस्थितियों को नहीं संभाला गया, तो पिछले कई दशकों में हासिल की गई उपलब्धियां खत्म हो सकती हैं। उन्होंने साफ कहा कि दुनिया इस समय कोरोना महामारी के बाद युद्ध, आर्थिक अस्थिरता और ऊर्जा संकट जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। अगर वैश्विक शक्तियां टकराव और संघर्ष की राजनीति से बाहर नहीं निकलीं, तो आने वाले वर्षों में पूरी मानवता को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया का यह दशक संकटों का दशक बनता जा रहा है। कोरोना महामारी ने पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर कर दिया था, वहीं अब अलग-अलग क्षेत्रों में जारी युद्ध और आतंकवाद की घटनाओं ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। उन्होंने ऊर्जा संकट पर विशेष चिंता जताते हुए कहा कि यदि देशों ने मिलकर समाधान नहीं खोजा, तो विकास की रफ्तार थम सकती है और करोड़ों लोगों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और इसका असर केवल वर्तमान पीढ़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।

ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना से दुनिया को संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का हल केवल संवाद, सहयोग और कूटनीति से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा शांति, मानवता और बातचीत के पक्ष में खड़ा रहा है। भारत का मानना है कि देशों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि संघर्ष और विनाश किसी के हित में नहीं हैं। उन्होंने दुनिया से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब देशों को ‘विकास बनाम विनाश’ के बीच चुनाव करना होगा। अगर दुनिया ने शांति और स्थिरता को प्राथमिकता नहीं दी, तो आर्थिक संकट और मानवीय समस्याएं और भी विकराल रूप ले सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूरोप और पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में उनका यह संदेश केवल राजनीतिक बयान नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए चेतावनी और अपील के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व शांति बनाए रखने के लिए सभी देशों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और सहयोग का रास्ता अपनाना होगा।

हेग में भारतीय समुदाय के स्वागत से पीएम मोदी बेहद उत्साहित दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद लोगों का प्यार और अपनापन देखकर कुछ पल के लिए ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि वे नीदरलैंड में हैं। माहौल किसी भारतीय त्योहार जैसा लग रहा था। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि लोगों का उत्साह और स्नेह उन्हें भावुक कर देने वाला था। उन्होंने वहां रह रहे भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा कि भारतीय समुदाय नीदरलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने नीदरलैंड सरकार और वहां की जनता का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और नीदरलैंड के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और इसमें भारतीय समुदाय की बड़ी भूमिका है। अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने नीदरलैंड की जनता को 140 करोड़ भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करने की बात कही।