दिग्विजय सिंह के बयान पर गर्मा रही MP की राजनीति, हिंदुत्व धर्म नहीं पहचान है, BJP-RSS और ओवैसी मिलकर खेलते हैं खेल, विश्वास सारंग-रामेश्वर शर्मा का पलटवार
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व धर्म नहीं, पहचान है, और भाजपा-आरएसएस का धर्म से कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस और ओवैसी मिलकर लोगों को डराकर देश में बंटवारा कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि अब देश का नहीं, मोहल्लों और शहरों का बंटवारा हो रहा है। उन्होंने 'हिंदू' को भौगोलिक शब्द बताते हुए सनातन धर्म को वास्तविक धर्म बताया और मणिकर्णिका घाट तोड़ने की आलोचना की।
दिग्विजय बोले- हिंदुत्व धर्म नहीं पहचान है, सनातन ही असली धर्म है
RSS और ओवैसी पर साधा निशाना, कहा- दोनों मिलकर खेल खेल रहे हैं
काशी में मणिकर्णिका घाट और अहिल्या बाई की प्रतिमा तोड़ने पर घेरा
Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें दिग्विजय सिंह ने RSS और बीजेपी पर निशाना साधा है. दिग्विजय ने कहा है कि ये हिंदू धर्म के साथ नहीं हैं, हिंदुत्व के साथ है...
धर्म से कोई लेना-देना नहीं है
दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व जो है वो धर्म नहीं है ये पहचान है. ये लोगों को मूर्ख बना रहे हैं.जगह-जगह हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं. हमसे ही चंदा लेकर हम ही को भंडारा खिला रहे. ये कौन सा धर्म है भाई?भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, इनका कोई लेना देना नहीं है धर्म से.ये केवल लोगों को डराते हैं. हिंदुओं एक हो जाओ हिंदू धर्म खतरे में है.
सावरकर और जिन्ना से की तुलना: मोहल्लों के बंटवारे पर जताई चिंता
दरअसल, दोनों मिलकर खेल खेलते हैं। न हिंदुओं को खतरा है और न मुसलमानों को। खतरा आपस की लड़ाई के कारण देश को है। उन्होंने कहा कि वीर सावरकर और मोहम्मद अली जिन्ना ने एक बार देश का बंटवारा कर दिया। अब देश का नहीं मोहल्ले और शहरों का बंटवारा हो रहा है। कई स्थान ऐसे हो गए हैं जहां मुसलमानों ने अपना और हिंदुओं ने अपना अलग मोहल्ला बना लिया है।
हिंदू सम्मेलन के नाम पर हमारे चंदे से हमें भंडारा
दिग्विजय ने कहा कि भाजपा हिंदू धर्म के साथ नहीं है. उन्होंने कहा कि जो जगह-जगह हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं. कैसे हो रहे हैं, हमसे चंदा लेकर हम लोगों को ही भंडारा खिला रहे हैं. भाजपा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ इनका धर्म से को कोई लेना देना नहीं है. धर्म से ये केवल लोगों को डराते हैं कि हिंदूओं एक हो जाओ. हिंदू धर्म खतरे में हैं. उधर औवैसी कहते हैं मुसलमानों एक हो जाओ हिंदुओं से खतरा है. दोनों मिलकर खेल रहे हैं. ना हिंदूओं को मुसलामानों से खतरा है. ना मुसलनमानों को हिंदुओं से खतरा है. इस तरह की लड़ाई से खतरा देश को है."
ये भी कहा
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा है कि-और ओवैसी क्या कहते हैं? कि मुसलमानों एक हो जाओ हिंदुओं से खतरा है...ना हिंदू खतरे में है, न मुसलमानों को खतरा है.. आपस की लड़ाई के कारण देश को खतरा.सावरकर जी ने और मोहम्मद अली जिन्ना ने देश का बंटवारा करा दिया अब यहां मोहल्लों का बंटवारा हो रहा है.शहरों में बंटवारा हो रहा है. हिंदू शब्द कहां से आया है? ये वैदिक शब्द नहीं है ये फारसी शब्द है.ये नरेंद्र मोदी जी और मोहन भागवत जी. मैं दोनों से आपसे प्रश्न करता हूं कि आप जो कर रहे हैं,ये सनातन धर्म के विरोध में काम कर रहे हैं.
विश्वास सारंग ने साधा निशाना
दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा 'दिग्विजय सिंह हर समय विघटन और वर्ग संघर्ष की राजनीति करते हैं, लगातार हिंदू दर्शन, हिंदू धर्मावलाबियों और हिंदुस्तान का विरोध करते आए हैं. भगवा आतंकवाद जैसे शब्दों का उपयोग करके पूरी दुनिया में सनातन को बदनाम करते हैं. पाकिस्तान परस्ती और हिंदू विरोधी बाते करना उनकी आदत में शुमार हो गई है, नेहरू परिवार के संरक्षण में पलने वाले कांग्रेसी जिन्होंने राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर कोर्ट में हलफनामा दिया था और संस्कृति से जुड़े हुए शहरों के नाम पर भी उनको आपत्ति है. जो जाकिर नायक और लादेन और जिन्ना को जी कहते हो, उनसे आप क्या अपेक्षा कर सकते है, जो कांग्रेस राम मंदिर का विरोध करती हो ये नेहरू और इटली की कांग्रेस है. इटली की संस्कृत लाना चाहते है ये लोग, दिग्विजय सिंह का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक भी है.'
रामेश्वर शर्मा का भी पलटवार
वहीं बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी इस मामले में बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि साल में एक बार मां सरस्वती की पूजा का दिन आता है, मैं दिग्विजय सिंह से अपील करूंगा कि वह अपने खलीफाओं से बात करें और पूजा करने दे. मुस्लिम समाज को जिद छोड़नी चाहिए, विद्या की जरूरत हिंदू को भी मुस्लिम को है हम तो कहेंगे सभी पूजा करे विद्या ग्रहण करे. दिग्विजय सिंह बताएं कि वह राजा भोज को मानते हैं कि नहीं जब राजा भोज थे तो उन्होंने भोजशाला बनाई और उसमें अपनी आराध्य देवी मां सरस्वती की स्थापना की तो अगर हम पूजा कर रहे हैं तो उन्हें किससे अनुमति चाहिए.'
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस