सच बोले भाजपा सांसद आलोक शर्मा, किसके दबाव में हो रही थी गौहत्या? :  संगीता शर्मा,कांग्रेस प्रवक्ता बोली, राम के नाम पर सत्ता, जमीन पर गौहत्या और मौतें करवा रही भाजपा सरकार

कांग्रेस प्रवक्ता और राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य सुश्री संगीता शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर कुछ प्रभावशाली लोग सांसद आलोक शर्मा पर गौहत्या को बढ़ावा देने का दबाव डाल रहे थे।

सच बोले भाजपा सांसद आलोक शर्मा, किसके दबाव में हो रही थी गौहत्या? :  संगीता शर्मा,कांग्रेस प्रवक्ता बोली, राम के नाम पर सत्ता, जमीन पर गौहत्या और मौतें करवा रही भाजपा सरकार

हिंदू–हिंदू राजनीति पर सवाल: जब सभी सत्ता में हैं हिंदू, तो मरने वाले भी क्यों हिंदू?

भोपाल। विपक्ष ने मध्यप्रदेश में गौहत्या के कथित मामलों, प्रशासनिक लापरवाही और हालिया मौतों को लेकर भाजपा सरकार और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने एक बयान में कहा गया कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार के भीतर ही ऐसे प्रभावशाली चेहरे मौजूद हैं, जिन्होंने तत्कालीन महापौर एवं वर्तमान भाजपा सांसद आलोक शर्मा पर गौहत्या का दबाव बनाया।

सुश्री शर्मा ने सवाल उठाया गया कि वह कौन था जो सांसद आलोक शर्मा को गौहत्या जैसे महापाप का सहभागी बनाने पर तुला हुआ था और किस कंपनी के हित में उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ भाजपा–आरएसएस से जुड़े नेता कथित रूप से मध्यस्थता और दलाली की भूमिका में थे।

डरने की जरूरत नहीं, नाम उजागर करें श्री शर्मा:

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री शर्मा ने सांसद आलोक शर्मा से अपील की कि वे सत्ता या संगठन के रसूख का दुरुपयोग करने वाले उस चेहरे का नाम सार्वजनिक करें। बयान में कहा गया कि यदि वे सच्चाई सामने लाते हैं, तो भोपाल लोकसभा की जनता ही नहीं, बल्कि भाजपा के वे कार्यकर्ता भी उनके साथ खड़े होंगे, जो आज भी संगठन को ईमानदारी से मानते हैं।

गौहत्या और मौतों पर माफी सम्मेलन करे आरएसएस :

सुश्री संगीता शर्मा ने आरएसएस द्वारा आयोजित किए जा रहे हिंदू सम्मेलनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विराट सम्मेलन करने के बजाय पूरे प्रदेश में गौहत्या और प्रशासनिक लापरवाही पर जनता से माफी सम्मेलन आयोजित किया जाना चाहिए। सुश्री शर्मा ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 25 लोगों, जिनमें अधिकांश बच्चे थे, की मौत का जिक्र करते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया । इसके साथ ही छिंदवाड़ा में मासूमों की मौतों का हवाला देते हुए कहा गया कि इन घटनाओं के बाद भी सरकार ने न शर्मसार होना उचित समझा और न ही जवाबदेही तय की।

कथित हिन्दूवादी सरकार में हिंदू ही मारे जा रहे हैं :

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री शर्मा ने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी सभी हिंदू हैं, तो फिर इंदौर और छिंदवाड़ा में मरने वाले परिवार भी हिंदू ही क्यों हैं। बयान में इसे “हिंदू–हिंदू” के नारे की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि जनता को सिर्फ और सिर्फ गुमराह किया जा रहा है।

लाशों पर राजनीति बंद करे भाजपा - आरएसएस :

सुश्री शर्मा ने बयान में आरोप लगाया गया कि भाजपा–आरएसएस का इतिहास लाशों पर राजनीति करने का रहा है। शायद यही वजह है कि मप्र में इतनी मौतों पर भी न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना मुंह खोला, और न संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने। जबकि इंदौर की हालिया घटनाक्रम के दौरान श्री भागवत 2 दिन राजधानी में ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि “फूट डालो, राज करो” की नीति को छोड़ कर जनता को बरगलाना बंद करें।