जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामवासियों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, वृक्षों को बताया भावी पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन जनपद में ‘एक पेड़-माँ के नाम’ अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम मोहम्मदाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर जालौन में हरित महाअभियान
‘एक पेड़-माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ व्यापक वृक्षारोपण
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया पौधरोपण, लिया संरक्षण का संकल्प
वृक्ष हैं भावी पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर : गौरीशंकर वर्मा
पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा : विनोद चतुर्वेदी
उरई । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में संचालित ‘एक पेड़-माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत जनपद जालौन में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विकास खण्ड डकोर के ग्राम मोहम्मदाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों एवं ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का आधार नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व से भी सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि "एक पेड़-माँ के नाम" अभियान मातृ सम्मान और प्रकृति संरक्षण का अद्भुत संगम है। प्रत्येक नागरिक यदि एक पौधे को अपनी माँ के नाम समर्पित कर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण कर इस जन अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान किया।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संगठनों से पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद में सभी विकास खण्डों, नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया गया। अमृत सरोवरों, तालाबों, गौशालाओं, सड़कों, नदी एवं नहरों के किनारे तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 10 लाख 37 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्थानीय एवं पारंपरिक प्रजातियों के साथ-साथ फलदार वृक्षों के रोपण को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जैव विविधता को भी मजबूती मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि इस महाअभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय कर्मियों के सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही महत्वपूर्ण है तथा सभी संबंधित विभागों को पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस