पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज कटौती से जनता को बड़ी राहत: लॉजिस्टिक लागत पर लगेगा अंकुश-चम्पालाल बोथरा

पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का व्यापारिक संगठन CAIT ने स्वागत किया है। सांसद प्रवीण खंडेलवाल और राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने कहा कि इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी, परिवहन सस्ता होगा और जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रहेगा। इस फैसले से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और व्यापार-परिवहन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज कटौती से जनता को बड़ी राहत: लॉजिस्टिक लागत पर लगेगा अंकुश-चम्पालाल बोथरा

पेट्रोल-डीजल सस्ता होने से ट्रांसपोर्ट लागत में कमी

• लॉजिस्टिक खर्च घटने से महंगाई पर लगेगा ब्रेक

• जरूरी वस्तुओं की कीमतें रहेंगी नियंत्रित

Surat,कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स  (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती का स्वागत करते हुए कहा कि इस निर्णय का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव लॉजिस्टिक लागत पर पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आने से परिवहन खर्च नियंत्रित रहेगा, जिससे वस्तुओं की ढुलाई लागत में वृद्धि पर अंकुश लगेगा और बाजार में कीमतों के अनावश्यक बढ़ने पर रोक लगेगी। इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों उपभोक्ताओं को मिलेगा और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें संतुलित बनी रहेंगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय संकट के समय जनता को राहत देने वाला एक सराहनीय एवं जनहितकारी कदम है।
Confederation of All India Traders (कैट) टेक्सटाइल गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इस राहत से कपड़ा बाजार सहित सभी आवश्यक वस्तुओं—रोटी, कपड़ा और मकान—पर महंगाई की मार से बचाव होगा, जो भारत सरकार का एक अत्यंत सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पेट्रोल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर तथा डीजल पर ₹10 से घटाकर शून्य किया जाना उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है और इससे व्यापार एवं परिवहन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
श्री बोथरा ने कहा कि देश का व्यापारिक समुदाय इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस राहत का लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे तथा आपूर्ति श्रृंखला सुचारु बनी रहे।