रोहित पवार का सनसनीखेज दावा, एकनाथ शिंदे का विमान गिरा देंगे… ईरान-इराक ने दी थी चेतावनी
राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि 20 जनवरी 2023 को दावोस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की जान खतरे में थी. उनके अनुसार ईरान और इराक से ओवरफ्लाइट अनुमति न होने के बावजूद विमान उनके हवाई क्षेत्र में गया. कथित चेतावनी के बाद बहरीन से ज्यूरिख का रूट बदलना पड़ा.
एनसीपी विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि दावोस यात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के विमान को ईरान और इराक से गिराने की चेतावनी मिली थी. फ्लाइट प्लानिंग में कथित खामी के कारण विमान को बहरीन में उतारना पड़ा. इस मामले में VSR कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं.
एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने शिवसेना प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 2023 के दावोस दौरे को लेकर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। पवार का दावा है कि 20 जनवरी 2023 में दावोस यात्रा के दौरान फ्लाइट नियमों के कथित उल्लंघन के कारण ईरान और इराक ने शिंदे के विमान को मार गिराने की चेतावनी दी थी। उन्होंने इसके लिए निजी विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (VSR) को जिम्मेदार ठहराया और गंभीर आरोप लगाये।
ईरान-इराक के फाइटर जेट्स ने दी चेतावनी
रोहित पवार के मुताबिक, 16 से 20 जनवरी 2023 के बीच एकनाथ शिंदे दावोस दौरे पर गए थे। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में किसी भी देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले फ्लाइट प्लान देना और अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
पवार ने आरोप लगाया कि बिना अनुमति विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में पहुंच गया था। ऐसे में ईरान की ओर से चेतावनी दी गई कि अगर विमान तुरंत अपना रास्ता नहीं बदलता, तो उसे फाइटर जेट्स के जरिए मार गिराया जा सकता है।
ईरान के बाद इराक ने भी रोका रास्ता
पवार के अनुसार, शिंदे के विमान में पहली बार बहरीन में ईंधन भरा गया और फिर विमान स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख की ओर रवाना हुआ। जैसे ही वह ईरान के हवाई क्षेत्र में पहुंचा, ईरान ने चेतावनी दी। फिर विमान का रास्ता बदला गया और इराक की ओर मोड़ा गया।
ईरान द्वारा रोके जाने के बाद विमान इराक की हवाई सीमा की ओर बढ़ा, लेकिन वहां भी इसी तरह की स्थिति पैदा हो गई। इराक ने भी बिना अनुमति विमान के प्रवेश पर कड़ी आपत्ति जताई और उसे मार गिराने की चेतावनी दी, जिस वजह से विमान को लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
आखिरकार विमान को वापस बहरीन लाया गया और सभी जरूरी अनुमतियां ली गईं और उसके बाद ही विमान को ज्यूरिख के लिए रवाना किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री जैसे पद पर आसीन व्यक्ति की सुरक्षा के साथ इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या इस बारे में डीजीएस ने कोई जानकारी सार्वजनिक की है? इस पर एकनाथ शिंदे स्पष्ट रूप से बता सकते हैं।
चार्टर कंपनी VSR पर आरोप
इस मामले का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने वीएसआर कंपनी पर भी लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस कंपनी की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं किया जा सकता और कभी भी लापरवाही हो सकती है।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि कोविड महामारी के दौरान 2021 में वीएसआर ने प्राइवेट जेट के टिकट बेचकर मरीजों से भारी रकम वसूला था, जिसके के कारण यूएई में इस कंपनी पर छह महीने का प्रतिबंध भी लगाया गया था।
पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री से जुड़े इतने महत्वपूर्ण दौरे में इस तरह की घटना गंभीर लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती हो सकती है। हालांकि, इस आरोप पर अब तक एकनाथ शिंदे या वीएसआर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पवार के दावे के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
अजित पवार के बेटे ने शेयर किया वीडियो
बता दें कि 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजित पवार का जो विमान लियरजेट 45 पुणे के बारामती में लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था, वह भी वीएसआर का ही था। इस हादसे के बाद डीजीसीए ने वीएसआर के चार प्लेन को ग्राउंड कर दिया। बारामती हादसे के बाद किए गए स्पेशल सेफ्टी ऑडिट में कई नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ। इस हादसे में अजित पवार, उनके सुरक्षा रक्षक विदीप जाधव, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली, कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक की जान चली गई थी।
हाल ही में अजित पवार के बेटे जय पवार ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें कथित तौर पर वीएसआर के मालिक रोहित सिंह मुख्य पायलट की सीट पर उड़ान के दौरान सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। जय पवार कहा, आसमान में रहते हुए ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह बेहद गंभीर मामला है। इसलिए रोहित सिंह को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके कंपनी पर बैन लगाना चाहिए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस