शिवराज ने गुनगुनाया गाना: एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों,भोपाल के मॉडल स्कूल में गोल्डन जुबली समारोह; सहपाठियों के बीच भावुक हुए केंद्रीय मंत्री

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में अपने विद्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई की शुरुआत की थी. इस दौरान उन्होंने अपने स्कूली दोस्तों से मुलाकात की और पुरानी यादों को ताजा किया. इस मोके पर शिवराज सिंह चौहान अपने दोस्तों के साथ गाना गाते हुए भी नजर आए, जिसे लोग बेहद पसंद कर रहे है.

शिवराज ने गुनगुनाया गाना: एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों,भोपाल के मॉडल स्कूल में गोल्डन जुबली समारोह; सहपाठियों के बीच भावुक हुए केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल स्थित अपने स्कूल पहुंचे थे। यहां अपने पुराने दोस्तों के लिए गाना गाया है। एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों, ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों

Bhopal,स्कूल के दिन, सहपाठी दोस्तों की शरारतें, गुरुजनों का स्नेह और जीवन को दिशा देने वाली सीखें…ये यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। कुछ ऐसा ही नजारा भोपाल के तात्या टोपे नगर स्थित मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में देखने को मिला, जब 1975 बैच की गोल्डन जुबली एलुमनी मीट में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भावनाओं में डूब गए। मंच से जैसे ही उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद किया, पूरा ऑडिटोरियम तालियों और मुस्कराहटों से भर उठा। गीत, गुरु वंदना और पौधरोपण के बीच यह आयोजन सिर्फ एक मिलन नहीं, बल्कि मूल्यों और रिश्तों का उत्सव बन गया।

कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मंच से गीत गाया, “एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों, बचपन तुम्हारे साथ गुजारा है दोस्तों” गीत की पंक्तियां सुनते ही ऑडिटोरियम में मौजूद पूर्व छात्र भी साथ गुनगुनाने लगे। कुछ पल के लिए पूरा सभागार मानो 50 साल पीछे लौट गया, जब सब स्कूल के छात्र थे।

स्कूल की उपलब्धियों पर गर्व अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस स्कूल की एक-एक ईंट में जो स्नेह और अपनापन है, उसका वर्णन शब्दों में करना मुश्किल है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज यह स्कूल देश के नंबर-एक विद्यालयों की श्रेणी में खड़ा है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जब भी स्कूल को जरूरत होगी, वे और उनके साथी हमेशा उसके साथ खड़े रहेंगे।

जीवन के दो मूल मंत्र साझा किए पूर्व छात्र साथियों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने अपने जीवन के दो मूल सिद्धांत साझा किए। उन्होंने कहा कि पहला मंत्र है सबसे प्रेम करो, क्योंकि हर इंसान में वही चेतना है। दूसरा यह है कि दूसरों की सेवा ही भगवान की सच्ची पूजा है। सभी को अपने जैसा मानना ही जीवन का सार है। उनके ये शब्द सुनकर सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों से समर्थन जताया।

इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरुजनों को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, वह अपने शिक्षकों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के कारण हैं। उन्होंने सभी गुरुजनों के चरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि शिक्षक जीवन की सबसे मजबूत नींव रखते हैं, जिस पर पूरा भविष्य खड़ा होता है।

पौधारोपण से दिया स्मृतियों को प्रतीक प्रतिदिन पौधारोपण के अपने संकल्प के तहत शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल परिसर में अपने गुरुजनों और सहपाठियों के साथ पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया यह पौधा केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि उन स्मृतियों, रिश्तों और मूल्यों का प्रतीक है, जिन्हें वे जीवन भर संजोकर रखना चाहते हैं।