शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग: फिर सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, DPI में जोरदार प्रदर्शन, युवती की बिगड़ी तबीयत
मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों ने पद वृद्धि की मांग को लेकर भोपाल में डीपीआई के सामने भीषण गर्मी में प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग की है।
पद वृद्धि की मांग को लेकर DPI के सामने अभ्यर्थी
सवा लाख पद खाली फिर भी नाममात्र की भर्ती
भोपाल में चिलचिलाती धूप में अभ्यर्थियों का मुंडन
लोक शिक्षण संचालनालय के बाहर शनिवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 पास कर चुके अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर उग्र रूप में देखने को मिला। वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि, दूसरी काउंसलिंग और जल्द जॉइनिंग की मांग को लेकर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल पहुंचे और डीपीआई परिसर के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से लगातार आंदोलन करने के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
दोपहर की तेज गर्मी के बीच शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल हुए। कई अभ्यर्थी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर पहुंचे थे, जिन पर “पद बढ़ाओ-भर्ती कराओ”, “योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दो” और “खाली पदों पर तुरंत नियुक्ति करो” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया, जब भीषण गर्मी के कारण एक महिला अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
मौके पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने तुरंत उन्हें पानी, ग्लूकोज और दवाइयां दीं। कुछ देर बाद एंबुलेंस भी वहां पहुंची, लेकिन महिला अभ्यर्थी ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह आंदोलन छोड़कर नहीं जाएंगी। इस घटना के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा और अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अभ्यर्थियों के अनुसार प्रदर्शन दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ था। तेज धूप और गर्म मौसम के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे रहे। उनका कहना था कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और विभाग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या बेहद कम रखी गई है, जिससे परीक्षा पास करने वाले हजारों योग्य उम्मीदवार चयन से बाहर हो रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच बहस की स्थिति भी बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी और कहा कि अनुमति से अधिक भीड़ और लंबे समय तक धरना व्यवस्था बिगाड़ सकता है। हालांकि अभ्यर्थियों ने पुलिस की बात मानने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अब तक सिर्फ आश्वासन दिए हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक नवंबर 2025 से अब तक वे 8 से 9 बार भोपाल आकर प्रदर्शन कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कई अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराया। किसी ने भूख हड़ताल की, तो किसी ने मुंडन कराकर विरोध जताया। कुछ अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखे, जबकि कई अभ्यर्थियों ने प्रतीकात्मक रूप से अपनी मार्कशीट जलाकर नाराजगी जताई। इसके बावजूद अब तक भर्ती प्रक्रिया में पद वृद्धि को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन इसके बाद भी पर्याप्त संख्या में भर्ती नहीं निकाली जा रही। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि स्कूल शिक्षा विभाग में कुल 2 लाख 89 हजार 5 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से लगभग 1 लाख 15 हजार 678 पद वर्तमान में खाली पड़े हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बावजूद सीमित भर्ती निकालना युवाओं के साथ अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि राज्य के 83 हजार 514 स्कूलों में से 1968 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जबकि 46 हजार 417 स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो शिक्षक कार्यरत हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार पर्याप्त भर्ती करती है, तो इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि वर्ग-2 शिक्षक भर्ती में खेल, संगीत, नृत्य, गायन और वादन सहित सभी विषयों में पद बढ़ाकर कुल संख्या कम से कम 10 हजार की जाए। वहीं वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती में वर्तमान पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार पद किए जाएं। इसके अलावा दोनों भर्तियों में दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू करने की मांग भी अभ्यर्थियों ने उठाई।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल 3200 विशेष शिक्षक पदों के लिए अलग से भर्ती प्रक्रिया चलाई जाए, ताकि सामान्य अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित न हों। प्रदर्शनकारियों के अनुसार सरकार को शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगार युवाओं दोनों के हित में जल्द निर्णय लेना चाहिए।
आंदोलन में शामिल कई अभ्यर्थियों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी पाने की नहीं है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की भी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सरकार ने निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
शनिवार को डीपीआई के बाहर हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर इस बात का संकेत है कि शिक्षक भर्ती को लेकर युवाओं में भारी नाराजगी है। अब सभी की नजर सरकार और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है कि अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस