राजगढ़ में कुआं धंसा, कांग्रेस नेता की मां की मौत: मलबे में दबी बहू को बचाने के लिए 4 जेसीबी और 50 लोगों की टीम जुटी, रेस्क्यू जारी

एमपी के राजगढ़ में कुएं की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से जनपद सदस्य की मां और पत्नी मलबे में दब गईं। मौके पर डॉक्टरों की टीम और 3 जेसीबी के साथ प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है...

राजगढ़ में कुआं धंसा, कांग्रेस नेता की मां की मौत: मलबे में दबी बहू को बचाने के लिए 4 जेसीबी और 50 लोगों की टीम जुटी, रेस्क्यू जारी

कुएं की खुदाई के दौरान बड़ा हादसा, जनपद सदस्य की मां और पत्नी कुएं में दबीं, प्रशासन अधिकारी मौके पर पहुंचे, रेस्क्यू जारी।

राजगढ़ के खिलचीपुर के गांव में अचानक भरभराकर गिरा निर्माणाधीन कुआं, दो महिलाएं मलबे के नीचे दबीं, एक महिला का शव निकाला बाहर.

राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। बामन गांव में निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस जाने से दो महिलाएं मलबे में दब गईं। दोनों महिलाएं सास-बहू थीं और खेत में चल रहे कुएं के निर्माण कार्य में जुटी हुई थीं। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर शाम तक एक महिला का शव बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरी महिला को बचाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहे।

खेत में चल रहा था कुएं का निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार खिलचीपुर तहसील के बामन गांव में कांग्रेस नेता एवं जनपद सदस्य मुकेश कोट (डांगी) के खेत में नया कुआं बनाया जा रहा था। बुधवार दोपहर करीब 60 वर्षीय रूपाबाई और उनकी 30 वर्षीय बहू पिंकीबाई कुएं के अंदर जमा मिट्टी और पत्थरों को हटाने के लिए उतरी थीं। इसी दौरान अचानक कुएं की ऊपरी परत की मिट्टी भरभराकर नीचे गिरने लगी।

देखते ही देखते भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर कुएं में आ गिरे और दोनों महिलाएं मलबे के नीचे दब गईं। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद मजदूर और ग्रामीण कुछ समझ ही नहीं पाए। जब तक लोग मदद के लिए दौड़े, तब तक दोनों महिलाएं पूरी तरह मलबे में फंस चुकी थीं।

ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव अभियान

हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। लोगों ने अपने स्तर पर महिलाओं को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन मलबे की मात्रा अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही तहसीलदार, एसडीएम अंकिता जैन, पुलिस अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू कराया। जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का काम आरंभ किया गया।

चार जेसीबी और 50 से अधिक लोग रेस्क्यू में जुटे

प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर चार जेसीबी मशीनों को लगाया गया, जिनकी सहायता से लगातार मिट्टी हटाई जाती रही। इसके अलावा होमगार्ड, पुलिस जवान, राजस्व विभाग के कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण भी बचाव कार्य में लगे रहे।

बताया गया कि करीब 50 से अधिक लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रहे। बचाव दल अत्यंत सावधानी के साथ खुदाई कर रहा था ताकि मलबे में फंसी दूसरी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी, जो लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे।

रूपाबाई का शव निकाला गया

कई घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने मलबे में दबी 60 वर्षीय रूपाबाई को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रूपाबाई की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

पिंकीबाई तक पहुंचने की कोशिश जारी

रेस्क्यू टीम दूसरी महिला पिंकीबाई तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बचाव दल को उम्मीद थी कि वह किसी सुरक्षित हिस्से में फंसी हो सकती हैं, इसलिए सावधानीपूर्वक खुदाई की जा रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि मलबा काफी गहराई तक जमा होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है। बावजूद इसके सभी संसाधनों का उपयोग करते हुए तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक हजारीलाल दांगी, जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं अधिकारियों ने घटना की जांच के भी निर्देश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कुएं की खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

गांव में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे बामन गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार की दो महिलाओं के मलबे में दबने से गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार हादसा बेहद गंभीर साबित हुआ।

परिजन लगातार पिंकीबाई के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं प्रशासन पूरी ताकत के साथ बचाव अभियान में जुटा हुआ है। पूरे क्षेत्र की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं और सभी को दूसरी महिला के सुरक्षित मिलने की उम्मीद है।