लेडी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तारी तय!KBC में जीते थे 50 लाख

केबीसी (KBC) में 50 लाख रुपये जीतकर रातो-रात सुर्खियों में आईं महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं. श्योपुर के बहुचर्चित 'बाढ़ राहत घोटाले' में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

लेडी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तारी तय!KBC में जीते थे 50 लाख

श्योपुर बाढ़ राहत घोटाले में तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा, उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई. 2021 में 2.57 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ.

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. इससे पहले ग्वालियर हाई कोर्ट भी उनकी याचिका खारिज कर चुका था. अब या तो उन्हें स्वेच्छा से सरेंडर करना होगा या बड़ौदा थाने की पुलिस कभी भी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.

2.57 करोड़ का घोटाला

साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद पीड़ितों के लिए राहत राशि का वितरण किया गया था. आरोप है कि बड़ौदा तहसील में उस समय पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर, करीब 25 पटवारियों और 100 से ज्यादा दलालों ने मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी.

जांच में आरोप लगा कि रिश्तेदारों और परिचितों को बाढ़ पीड़ित दिखाकर उनके खातों में रकम डलवाई गई. यह गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट में पकड़ में आई जिसके बाद बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई. पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है.

हाई कोर्ट से खारिज हुई तो सुप्रीम कोर्ट गईं

गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता सिंह तोमर ने पहले हाई कोर्ट ग्वालियर खंडपीठ में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SLP के साथ अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई लेकिन 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी. अब बड़ौदा थाने की पुलिस कभी भी उनकी गिरफ्तारी कर सकती है और राजस्व अमले में हलचल तेज हो गई है.

विवादों से भी रहा पुराना नाता

अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं. इसके बाद से वह लगातार किसी न किसी विवाद में रहीं. सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासनिक कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर वह निलंबित भी हो चुकी हैं. इतना ही नहीं, बार-बार तबादलों को लेकर वह PM मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं और साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने से खफा होकर इस्तीफे का पत्र भी लिख चुकी हैं.