भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों से बचे,दोपहर 12 से 4 बजे तक घर जरूरी कार्य हो तभी निकले। डीएम 

उरई में भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने लोगों और पशुपालकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।

भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों से बचे,दोपहर 12 से 4 बजे तक घर जरूरी कार्य हो तभी निकले। डीएम 

भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए डीएम की अपील

दोपहर 12 से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें

पर्याप्त पानी, ORS और तरल पदार्थ लेने की सलाह

बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का रखें विशेष ध्यान

हल्के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढककर निकलें

खेतों और खुले स्थानों पर सुबह-शाम करें कार्य

उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय नेभीषण गर्मी एवं हीटवेव को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के समस्त नागरिकों एवं पशुपालकों से अपील की है कि अपने-अपने परिवार तथा पशुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु निम्न सावधानियों का पालन अवश्य करें। उन्होंने बताया कि जनसामान्य हेतु सावधानियां में क्या करें- दिन में 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक धूप में निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। हल्के रंग के सूती एवं ढीले कपड़े पहनें तथा सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढकें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। खेतों एवं खुले स्थानों पर कार्य प्रातः अथवा सायंकाल के समय करें। घर एवं कार्यस्थल को हवादार रखें।
उन्होंने बताया कि जनसामान्य हेतु सावधानियां में क्या न करें- खाली पेट घर से बाहर न निकलें। तेज धूप में अत्यधिक मेहनत वाले कार्य न करें। बंद वाहनों में बच्चों या पशुओं को अकेला न छोड़ें। बासी एवं खुले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। अत्यधिक चाय, कॉफी एवं नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
उन्होंने बताया कि पशुओं हेतु सावधानियां- पशुओं को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। पशुओं को छायादार एवं हवादार स्थान पर रखें। दोपहर के समय पशुओं को चराने अथवा अधिक दूरी तक ले जाने से बचें। हरे चारे एवं संतुलित आहार की व्यवस्था करें।
उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण- तेज बुखार, चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी/घबराहट, पसीना बंद होना, बेहोशी।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में उपरोक्त लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर पानी उपलब्ध कराएं एवं निकटतम चिकित्सालय से संपर्क करें।
 "सावधानी ही सुरक्षा है। सभी नागरिक एवं पशुपालक हीटवेव से बचाव हेतु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।"