मोबाइल से दूर, मैदान से जुड़ाव, बच्चों में लौटी खेलों की रौनक, दीपक देवांगन की पहल से संवर रहा बचपन, मिसाल बनीं पहल

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी में दीपक देवांगन की पहल से बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर कर मैदानों से जोड़ा जा रहा है। हर रविवार आयोजित खेल और रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास हो रहा है

मोबाइल से दूर, मैदान से जुड़ाव, बच्चों में लौटी खेलों की रौनक,  दीपक देवांगन की पहल से संवर रहा बचपन, मिसाल बनीं पहल

रविवार की खेल गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास, सहयोग और सामाजिक जुड़ाव को मिल रही नई दिशा

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी । आज के डिजिटल दौर में जहाँ बच्चों की छुट्टियाँ मोबाइल और टीवी स्क्रीन तक सिमटती जा रही हैं, वहीं मनेन्द्रगढ़ झगराखंड के दीपक देवांगन ने एक प्रेरक सामाजिक पहल शुरू कर बच्चों को फिर से मैदानों की ओर लौटाया है। हर रविवार दीपक देवांगन मोहल्ले के बच्चों को एकत्र कर नए-नए खेल, रचनात्मक गतिविधियाँ और समूह आधारित एक्टिविटी करवाते हैं। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि बच्चों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ बनाना है।
इन खेल गतिविधियों में तरह-तरह के मजेदार खेलों के साथ छोटे-छोटे ईनाम भी रखे जाते हैं, जिससे बच्चों के साथ-साथ बड़ों की भागीदारी भी देखने को मिलती है। पूरा माहौल किसी उत्सव की तरह उमंग, सकारात्मकता और सामूहिक आनंद से भर जाता है।
दीपक देवांगन का मानना है कि इस तरह की सामुदायिक गतिविधियाँ बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, सहयोग, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित करती हैं। साथ ही बच्चे स्क्रीन की दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जुड़ते हैं। रविवार की इन गतिविधियों के दौरान बच्चों की मासूम हँसी, चमकती आँखें और उत्साह न सिर्फ अभिभावकों बल्कि पूरे मोहल्ले के लिए सुकून और खुशी का कारण बन जाती हैं।
यह पहल साबित करती है कि यदि समाज का कोई एक व्यक्ति भी सकारात्मक सोच के साथ आगे आए, तो वह पूरी पीढ़ी के भविष्य को बेहतर दिशा दे सकता है। दीपक देवांगन की यह मुहिम आज केवल खेल नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज की नींव बनती जा रही है।