CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन,4 जोनल अधिकारियों समेत सहायक यंत्री निलंबित,इंदौर दूषित पानी मामले में कार्रवाई
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से लोगों के संक्रमित होने के मामले में CM मोहन यादव ने दी प्रतिक्रिया. लापरवाही पर PHE के अफसर निलंबित किए गए हैं और जांच के बाद ही जलापूर्ति बहाल होगी.
इंदौर में दूषित पानी का मामला गंभीर होता जा रहा है। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 150 से ज्यादा लोग बीमार है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. इस मामले में जोन क्रमांक 4 के जोनल अधिकारी, PHE के सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. वहीं प्रभारी उपयंत्री PHE को सेवा से पृथक किया गया है.
मुख्यमंत्री ने दिया ये संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी के साथ मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक जांच समिति गठित की गई है.
भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी का कहर
जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में 24 दिसंबर से लगातार लोग बीमार हो रहे थे। शुरुआत में कुछ मरीज आए थे लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ने लगी। ज्यादातर मरीजों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह नंदलाल पाल (75) की वर्मा हॉस्पिटल में मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। मेडिकल हिस्ट्री में सामने आया है कि उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी और वे नियमित रूप से दवा नहीं लेते थे। डॉक्टरों का कहना है कि इसी वजह से कार्डियक अरेस्ट की आशंका बनी, हालांकि परिजनों का दावा है कि दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी।
लोगों ने की उल्टी-दस्त की शिकायत
नंदलाल पाल के अलावा दो महिलाओं की मौत की भी जानकारी सामने आई है। परिजनों का कहना है कि दूषित पानी पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रशासन ने तीनों मामलों को लेकर जांच शुरू कर दी है। पिछले एक हफ्ते में भागीरथपुरा इलाके से करीब 150 लोगों ने उल्टी-दस्त की शिकायत की है। इतनी बढ़ी संख्या में मरीजों की शिकायत के बाद सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है।
कैलाश विजयवर्गीय ने मरीजों को दिया बड़ा आश्वासन
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सभी मरीजों का इलाज सरकार के खर्च पर कराया जाएगा। जिन लोगों ने इलाज के लिए पहले से पैसे जमा किए हैं, उन्हें रिफंड दिलाया जाएगा। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि वार्ड और आसपास चल रही खुदाई या फिर पानी की टंकी के दूषित होने से यह स्थिति बनी है। क्षेत्र में नर्मदा का पानी सप्लाई किया जाता है, लेकिन सप्लाई लाइन में गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। प्रशासन का कहना है कि पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस