मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 5 किसान हितैषी योजनाओं को 10,500 करोड़ की मंजूरी, CM मोहन यादव बोले— जो कहते हैं, करके दिखाते हैं
किसान कल्याण वर्ष का किसानों को लाभ दिलाने के लिए मोहन यादव कैबिनेट ने आज (24 फरवरी) किसानों एवं कृषि से संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10500 करोड़ रुपये की लागत के पांच किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच साल तक निरंतर रखने को मंजूरी दी.
मध्य प्रदेश में विधानसभा की कार्यवाही से पहले मोहन यादव कैबिनेट की हुई बैठक, किसानों से जुड़ी 5 योजनाएं को चलाने का लिया फैसला.
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों से जुड़ी 5 योजनाओं को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई. कैबिनेट में हुए निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री ने विधानसभा सदन केंद्र दी. सीएम ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के तहत अगले 5 वर्ष के लिए 10 हजार 520 करोड़ की पांच योजनाओं को निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है.
मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि क्या सरकार ने आज यह निर्णय राहुल गांधी के भोपाल सम्मेलन के दबाव में लिया है. जिस पर सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी से सवाल पूछने चाहिए कि तिलहन, दलहन और रवि सीजन में कौन-कौन सी फसलें लगती हैं.
इन योजनाओं को दी गई स्वीकृति
विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में वंदे मातरम के साथ कैबिनेट की बैठक शुरू हुई. कैबिनेट की बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दे पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. कैबिनेट में लिए गए निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री ने विधानसभा सदन के अंदर दी. कैबिनेट की बैठक में पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, माइक्रो इरिगेशन हेतु प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना, नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना व राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना को 1 अप्रैल 26 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने का अनुमोदन किया गया.
कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना जारी रखने का निर्णय लिया गया है. 2010 करोड़ की इस योजना कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति राज्य सरकार के माध्यम से की जाएगी. बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ड्रॉप मोर क्रॉप को भी 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है. 2400 करोड़ की इस योजना से किसानों को स्प्रिंकलर /ड्रिप खेतों में लगाने के लिए अनुदान निरंतर 31 मार्च 2031 तक मिलता रहेगा. इस योजना से किसान के खेतों में माइक्रो इरिगेशन सुविधाओं में निरंतर अगले 5 वर्षों तक होता रहेगा.
कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया. 3300 करोड़ की इस योजना से ऐसे किसान जो धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज, नगदी फसलों की पैदावार करते हैं, उन्हें क्षेत्र विस्तार, उत्पादन को बढ़ाने एवं मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए जरूरी सहयोग राज्य सरकार से दिया जाता रहेगा.
कैबिनेट की बैठक में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग को भी जारी रखने का अनुमोदन किया गया. 1010 करोड़ की इस योजना में प्रदेश में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार 31 मार्च 2031 तक निरंतर होता रहेगा. इस योजना से मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन बढ़ाना, पर्यावरण की सुरक्षा एवं रसायन मुक्त खाद्य उपलब्ध कराए जाने में सहायक होगा. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल सीड योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया. 1800 करोड़ की इस योजना से तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा.
मुख्यमंत्री बोले जल्द करेंगे कृषि कैबिनेट
विधानसभा के अंदर कैबिनेट में दिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि "सदन के सभी विधायक चाहे वह पक्ष के हों या विपक्ष के, उन्हें किसानों को बढ़ाने की दिशा में सहयोग करना चाहिए. हम किसानों के लिए एक अलग से कैबिनेट करें, जिसमें किसानों के लिए और बेहतर काम करने पर मिलकर चर्चा करें. संचालित योजनाओं में और क्या बेहतर किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा की जाए, ताकि बेहतर परिणाम सामने आ सके.
नेता प्रतिपक्ष बोल, क्या राहुल गांधी की यात्रा का असर?
उधर विधानसभा में मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारने कटाक्ष करते हुए कहा कि "आज सरकार ने कैबिनेट में किसानों से जुड़ी कई सौगातें दी है. किसानों पर लिए गए यह निर्णय क्या भोपाल में आज हो रही राहुल गांधी की यात्रा की वजह से है. क्या सरकार ने राहुल गांधी की भोपाल यात्रा के दबाव में यह निर्णय सरकार ने लिए हैं." जिसके जवाब में सीएम मोहन यादव ने कहा कि "राहुल गांधी मध्य प्रदेश आ रहे हैं. कांग्रेस नेता उनसे पूछ लें कि रवि, खरीफ और दलहन में कौन-कौन सी फैसलें लगाई जाती है."
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस