गुड़ा, हिम्मतपुर एवं शिवगंज क्षेत्र को कटान और बाढ़ से बचाने के लिए 6.87 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य प्रगति पर, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के दिए निर्देश

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने यमुना नदी के किनारे स्थित गुड़ा, हिम्मतपुर और शिवगंज गांवों को बाढ़ एवं कटान से बचाने के लिए चल रही 6.87 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना का निरीक्षण किया। परियोजना के तहत 220 मीटर क्षेत्र में स्टोन बोल्डर लांचिंग एप्रन और स्टोन पिचिंग का कार्य किया जा रहा है। डीएम ने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परियोजना पूरी होने पर लगभग 818.92 हेक्टेयर कृषि भूमि, 105 ग्रामीण आवास और 2950 लोगों को बाढ़ व कटान के खतरे से सुरक्षा मिलेगी।

गुड़ा, हिम्मतपुर एवं शिवगंज क्षेत्र को कटान और बाढ़ से बचाने के लिए 6.87 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य प्रगति पर, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के दिए निर्देश

यमुना किनारे बाढ़ सुरक्षा परियोजना तेज, 6.87 करोड़ की लागत से गुड़ा, हिम्मतपुर और शिवगंज को मिलेगा कटान से संरक्षण

उरई । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने यमुना नदी के दायें किनारे स्थित ग्राम समूह गुड़ा, हिम्मतपुर एवं शिवगंज को बाढ़ एवं कटान से सुरक्षित करने हेतु संचालित बाढ़ सुरक्षा परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा तकनीकी मानकों का गहन परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि लगभग 687.56 लाख की लागत से संचालित इस महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत यमुना नदी के कटान प्रभावित क्षेत्र में 220 मीटर लंबाई में स्टोन बोल्डर से लांचिंग एप्रन तथा स्टोन पिचिंग के माध्यम से तट संरक्षण कार्य कराया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य बाढ़ के दौरान होने वाले तीव्र कटान को रोकना तथा नदी तटवर्ती आबादी एवं कृषि भूमि को सुरक्षित करना है।

जिलाधिकारी ने कहा कि यमुना नदी के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विगत वर्षों में बाढ़ एवं कटान से प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी राहत प्रदान करने के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण प्रत्येक कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप ही संपादित किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना पूर्ण होने के बाद लगभग 818.92 हेक्टेयर कृषि भूमि, 105 ग्रामीण आवास तथा लगभग 2950 की आबादी को बाढ़ एवं कटान के खतरे से महत्वपूर्ण सुरक्षा प्राप्त होगी। इससे न केवल किसानों की आजीविका सुरक्षित होगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों में भी सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत होगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी बनाए रखने तथा मानसून अवधि को दृष्टिगत रखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी ऐसी परियोजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक राहत उपलब्ध हो सके।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता सिंचाई धर्म घोष आदि मौजूद रहे