बिना अनुमति संचालित संस्थानों पर होगी कड़ी कार्रवाई, अग्नि सुरक्षा, भवन मानक और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की होगी गहन जांच

उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और होटलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तहसीलवार पांच संयुक्त टीमों का गठन किया गया है, जो भवन सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और वैधानिक अनुमतियों की जांच करेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है

बिना अनुमति संचालित संस्थानों पर होगी कड़ी कार्रवाई, अग्नि सुरक्षा, भवन मानक और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की होगी गहन जांच

सुरक्षा मानकों की जांच के लिए पांच संयुक्त टीमों का गठन

कोचिंग, अस्पताल और होटलों का होगा व्यापक सेफ्टी ऑडिट

अग्निशमन, भवन सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की होगी जांच

बिना अनुमति संचालित संस्थानों पर होगी सख्त कार्रवाई

विद्यार्थियों, मरीजों और आमजन की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता

उरई ।जनपद में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने सभी कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों एवं होटलों में सुरक्षा मानकों और वैधानिक व्यवस्थाओं की व्यापक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तहसीलवार पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है, जिनमें विकास प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान, अस्पताल एवं होटल का सुरक्षा ऑडिट किया जाए तथा भवन सुरक्षा, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, वैधानिक स्वीकृतियों एवं संचालन संबंधी मानकों की गहन जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, मरीजों एवं आमजन की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई कोचिंग संस्थान या अन्य प्रतिष्ठान निर्धारित अनुमति, मानकों अथवा सुरक्षा व्यवस्थाओं के बिना संचालित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा केवल औपचारिकता न रहकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने गठित टीमों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरीक्षण अभियान चलाकर विस्तृत सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा चिन्हित कमियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। अभियान की प्रभावी निगरानी हेतु अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अपर पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।