मैं अपनी पत्नी का पैर छूता हूं, मेरी 3 बेटियां हैं, बहिन-बिटिया कहित रहिन...', रवि किशन ने लोकसभा में ऐसा क्यों कहा?

बीजेपी सांसद रवि किशन ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर बहस के दौरान महिलाओं के अधिकारों को लेकर आवाज उठाई।

मैं अपनी पत्नी का पैर छूता हूं, मेरी 3 बेटियां हैं, बहिन-बिटिया कहित रहिन...', रवि किशन ने लोकसभा में ऐसा क्यों कहा?

लोकसभा में महिलाओं के सम्मान में बोलते हुए रवि किशन ने कहा, 'हम अपने पत्नी के पैर छुइला हो।' जगदंबिका पाल ने पूछा सही हो? उन्होंने जवाब में हां हो। 

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए. इस दौरान स्पीकर की कुर्सी पर बैठे जगदंबिका पाल ने उनसे कहा आपके लिए तो आपकी पत्नी वोट भी मांगती हैं. इस पर रवि किशन ने कहा कि हां मेरी पत्नी मेरे लिए चुनाव प्रचार करती हैं और एक-डेढ़ लाख वोट लाती हैं. मैं उनके पैर छूता हूं. इस पर जगदंबिका पाल ने पूछा आप पैर छूते हैं ना. तो रवि किशन बोले कि मेरी पत्नी पैर छूने नहीं देती. लेकिन जब वो गहरी नींद में होती हैं तो मैं उनके पैर छू लेता हूं. 

रवि किशन ने कहा कि मेरी पत्नी ने मुझे बुरे वक्त में पूरा साथ दिया है. जब मैं सिनेमा के खराब दौर से गुजर रहा था, तब भी वह मेरे साथ खड़ी रही. ऐसे में मैं उसका पैर क्यों न छुऊं.

मेरे घर में शौचालय नहीं था. मैंने वह दर्द देखा है..."

रवि किशन ने कहा कि आज का यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. मैं आज इन तीनों विधेयकों के समर्थन में बोलने के लिए खड़ा हुआ हूं. ये विधेयक मोदी जी के नए भारत की सोच के समर्थन में हैं. ये विधेयक सरकार की उस अटूट इच्छाशक्ति का प्रतीक हैं, जिसने नामुमकिन को मुमकिन करके दिखाया है. यह कोई चुनावी मुद्दा नहीं है. जो लोग महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, वे महिलाओं के विरोधी हैं. यह भाजपा का संस्कार है..रवि किशन ने कहा कि मैं अपनी गरीबी की कहानी बताना चाहता हूं. मेरे घर में शौचालय नहीं था. मैंने वह दर्द देखा है, जब महिलाओं को शौचालय जाने के लिए शाम और अंधेरे का इंतजार करना पड़ता था. विपक्ष अपनी राजशाही की कहानियां सुनाकर चला गया. आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. हमारे जिले की आबादी लगभग 50 लाख है. परिसीमन होगा तो महिलाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा.

'पत्नी शक्ति का रूप है, शर्म कैसी?'

चर्चा में हिस्सा लेते हुए रवि किशन ने बेबाक अंदाज में कहा, 'मैं अपनी पत्नी का बहुत सम्मान करता हूं। मैं उनके पैर छूता हूं और इसे स्वीकार करने में मुझे कोई शर्म नहीं है। आखिर क्यों न छूऊं? वही घर संभालती हैं और मेरे लिए शक्ति का साक्षात रूप हैं।' रवि किशन अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपनी पत्नी प्रीति को देते आए हैं, और सदन में भी उनका यही अंदाज बरकरार रहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना और यह बिल लाना, दरअसल भाजपा के संस्कारों का हिस्सा है।

ऐतिहासिक बिल पर चर्चा

गौरतलब है कि यह पूरी मजेदार बहस उस 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में हो रही थी, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने वाला है। रवि किशन ने इस कदम को 'ऐतिहासिक' बताते हुए इसे देश की आधी आबादी के लिए एक नए युग की शुरुआत करार दिया है।