इसरो का PSLV-C62 रॉकेट रास्ते से भटका, मिशन फेल:नर्वस नाइंटीज' का शिकार क्यों हो रहा इसरो का PSLV रॉकेट? लगातार दूसरी असफलता

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) का साल 2026 का पहला मिशन 'PSLV-C62' फेल हो गया है। रॉकेट सोमवार सुबह 10.18 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से 16 सैटेलाइट लेकर उड़ा था। ISRO चीफ डॉ. वी नारायणन ने कहा कि रॉकेट लॉन्चिंग के तीसरे चरण में गड़बड़ी आ गई, जिसके कारण वह रास्ता भटक गया।

इसरो का PSLV-C62 रॉकेट रास्ते से भटका, मिशन फेल:नर्वस नाइंटीज' का शिकार क्यों हो रहा इसरो का PSLV रॉकेट? लगातार दूसरी असफलता

रिपोर्ट के मुताबिक, आज के लॉन्च में कुल 15-18 अन्य छोटे उपग्रह भी शामिल थे जिनमें से कई भारतीय स्टार्टअप्स और विश्वविद्यालयों के थे। हैदराबाद की कंपनी ध्रुवा स्पेस ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई और कुल 7 उपग्रहों में योगदान दिया।

इसरो का PSLV-C62 मिशन 12 जनवरी 2026 को फेल हो गया. चार स्टेज का रॉकेट 90% सही काम करता है, फिर फेल हो जाता है. तीसरे स्टेज में रोल रेट डिस्टर्बेंस और फ्लाइट पाथ डिस्टर्ब होने के कारण 16 सैटेलाइट्स (अन्वेषा सहित) सही ऑर्बिट में नहीं पहुंचे. यह लगातार दूसरी असफलता (C61 के बाद) है, जिससे ISRO, DRDO, NSIL और देश को 500-800 करोड़ रुपये का वित्तीय व इज्जत को बड़ा झटका लगा है.

आखिर कब तक इसरो का PSLV रॉकेट नर्वस नाइंटीज का शिकार होगा? 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा. PSLV-C62 मिशन, जो 2026 की पहली लॉन्चिंग थी, सफल नहीं हो पाया. रॉकेट ने सुबह 10:18 बजे लिफ्टऑफ तो किया, लेकिन तीसरे स्टेज (PS3) के अंत में गंभीर समस्या आई. फ्लाइट पाथ में बदलाव और रोल रेट में डिस्टर्बेंस हुआ, जिससे रॉकेट जरूरी स्पीड हासिल नहीं कर पाया.  

नतीजा - मुख्य पेलोड DRDO का EOS-N1 (अन्वेषा) सैटेलाइट और 15 अन्य सह-यात्री सैटेलाइट्स (कुल 16) सही ऑर्बिट में नहीं पहुंच पाए. ये सभी सैटेलाइट्स अब अंतरिक्ष में खो चुके हैं या वायुमंडल में जलकर नष्ट हो गए हैं. ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि तीसरे स्टेज के अंत में वाहन का प्रदर्शन सामान्य था, लेकिन उसके बाद रोल रेट में गड़बड़ी और फ्लाइट पाथ में बदलाव देखा गया. हम डेटा का विस्तृत विश्लेषण कर रहे हैं. 

यह दूसरी बार लगातार तीसरे स्टेज में समस्या आई है. इससे पहले PSLV-C61 (मई 2025) में भी तीसरे स्टेज में चैंबर प्रेशर गिरने से EOS-09 सैटेलाइट खो गया था. उस मिशन के बाद ISRO ने PSLV फ्लीट को ग्राउंड किया, रिव्यू किया और सुधार किए लेकिन फिर भी समस्या बनी रही. ISRO अब फेलियर एनालिसिस कमिटी बनाकर जांच कर रही है.