कांग्रेस की न्याय यात्रा...घंटा-मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगे:गंदे पानी से मौतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन; दिग्विजय सिंह बोले- अब घर-घर जाएंगे
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी के कारण 21 लोगों की जान चली गई। कई लोग हॉस्पिटल्स में भर्ती है। ऐसे में कांग्रेस ने रविवार को बड़ा गणपति चौराहा से राजवाड़ा तक न्याय यात्रा निकाली।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 21 मौतों के विरोध में कांग्रेस ने 11 जनवरी 2026 को न्याय यात्रा निकाली. ‘घंटा-मंत्री मुर्दाबाद’ नारे लगे. दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी सहित नेता शामिल. मांगें: मंत्री इस्तीफा, 1 करोड़ मुआवजा, न्यायिक जांच. यात्रा बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक गई. सरकार पर लापरवाही का आरोप. यह प्रदर्शन आगे घर-घर अभियान की शुरुआत है.
इंदौर. भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की त्रासदी ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुई डायरिया और उल्टी की बीमारी ने कई परिवारों में मातम बिठा दिया. कांग्रेस और स्थानीय निवासियों का दावा है कि मौतों की संख्या 21 तक पहुंच चुकी है. कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. कांग्रेस ने इस लापरवाही के खिलाफ ‘न्याय यात्रा’ निकाली जिसमें ‘घंटा-मंत्री मुर्दाबाद’ जैसे तीखे नारे गूंजे. यात्रा में दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी जैसे बड़े नेता शामिल हुए. इसमें लोगों की भागीदारी देखकर अब कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है. मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ सहित कई दिग्गज नेता इसमें शामिल नहीं हुए.
न्याय यात्रा को लेकर कांग्रेस ने काफी समय लिया. भागीरथपुरा तक पहुंचने में कांग्रेस ने भरपूर समय लिया. न्याय यात्रा के दौरान भी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का इंतजार करना पड़ा और रैली रोक दी गई थी. कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने ऐलान कर अगली रणनीति की जानकारी दी. न्याय यात्रा के बाद कांग्रेस घर-घर जाकर जनता से जुड़ेगी. पीड़ित परिवारों से मिलना, रिपोर्ट तैयार करना और लंबे आंदोलन की योजना है. उनका कहना था कि यह प्रदर्शन सिर्फ विरोध नहीं बल्कि जवाबदेही और न्याय की लड़ाई है. हालांकि दिग्विजय सिंह की यह बात कितना आगे तक पहुंच पाएगी, इसमें संंशय है. हाल ही में इंदौर में दिग्विजय सिंह को जिला कांग्रेस के नेताओं और स्थानीय नेताओं ने काफी बुरा-भला कहा था.
कैलाश विजयवर्गीय इस्तीफा दो, कांग्रेस हुई हमलावर
दरअसल, भागीरथपुरा में सीवर लाइन के दूषित पानी से मिलने की वजह से हुई मौतों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. कांग्रेस इसे सुनियोजित लापरवाही बता रही है जबकि सरकार ने मुआवजे के रूप में 2 लाख रुपये प्रति परिवार दिए हैं. यात्रा बड़ा गणपति से शुरू होकर राजवाड़ा पर देवी अहिल्या प्रतिमा पर समाप्त हुई. कार्यकर्ताओं ने तिरंगा थामा, काली पट्टी बांधी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (जिन्हें ‘घंटा-मंत्री’ कहा जा रहा है) के इस्तीफे की मांग की. यह यात्रा कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है जो आगे घर-घर जाकर जनता से जुड़ने और लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी दिखाती है.
भागीरथपुरा में डायरिया फैला, जहर बने पानी से कई मौतें
दिसंबर 2025 के अंत में भागीरथपुरा में डायरिया फैला. 40,000 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हुई. मौतों की संख्या पर विवाद है. सरकार ने 18 परिवारों को 2 लाख दिए लेकिन कांग्रेस 21 मौतें बता रही है. यह त्रासदी इंदौर की स्वच्छता छवि को नुकसान पहुंचा रही है, पर्यटन प्रभावित हो रहा है. कांग्रेस इसे सरकार की विफलता बता रही है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस