औकात बताने वाले मंत्री अब माफी मांगने आए या आदिवासियों का अपमान करने?’ भगोरिया में सियासी घमासान, उमंग सिंघार का कैलाश विजयवर्गीय पर हमला
मध्य प्रदेश की राजनीति में ‘औकात’ बयान को लेकर विवाद तेज हो गया है। भगोरिया उत्सव में अलीराजपुर पहुंचे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो मंत्री पहले आदिवासियों को औकात बता रहे थे, वे अब यहां माफी मांगने आए हैं या फिर उनका अपमान करने। सिंघार के बयान के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई और दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
औकात’ की जंग भगोरिया तक पहुँची: विजयवर्गीय-सिंघार आमने-सामने, आदिवासी सम्मान पर सियासत में घमासान
इंदौर। आदिवासी अंचल के पारंपरिक भगोरिया पर्व के समापन अवसर पर आलीराजपुर में आयोजित भगोरिया हाट इस बार सांस्कृतिक रंगों के साथ राजनीतिक तापमान से भी गर्म रहा। मंच पर प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मौजूदगी ने आयोजन को सियासी रंग दे दिया।
"एक ओर मंत्री विजयवर्गीय ने आदिवासी परंपरा और संस्कृति की सराहना करते हुए प्रदेश सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया, तो वहीं दूसरी ओर सिंघार ने तीखे सवालों के जरिए सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
विजयवर्गीय ने दी शुभकामनाएं
मीडिया से चर्चा में विजयवर्गीय ने आदिवासी समाज को भगोरिया और होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए एक-एक परिवार को 30 से 50 हजार रुपये तक का लाभ पहुंच रहा है। हालांकि राजनीतिक सवालों पर वे सतर्क नजर आए। उन्होंने साफ कहा कि वे केवल उत्सव में शामिल होने आए हैं और किसी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी नहीं करेंगे।
सिंघार ने आदिवासी समाज को भगोरिया और होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराएं हैं, जिनका सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक उल्लास के बीच सियासी बयानबाजी ने माहौल को अलग ही रंग दे दिया।
सिंघार ने विजयवर्गीय पर साधा निशाना
उधर, विशेष भगोरिया गेर में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में आदिवासियों को “औकात दिखाने” की बात करने वाले मंत्री अब भगोरिया में शिरकत कर रहे हैं। सिंघार ने सवाल उठाया कि मंत्री यहां आदिवासियों को औकात दिखाने आए हैं, उनका अपमान करने आए हैं या फिर उनसे माफी मांगने आए हैं।"
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस