कैलाश विजयवर्गीय का बयान बना चर्चा का विषय, बोले- “अगर हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो”
मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद राजनीति में एक नई बहस चल पड़ी है। दरअसल, इंदौर में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंच से कहा कि यहां सड़क बन रही है।
इंदौर के विकास कार्यक्रम में मंत्री के बयान से मची चर्चा
“लाड़ली बहना-लाड़ली लक्ष्मी का पैसा भी मत लो”
सरकार ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया: विजयवर्गीय
“वोट दो या न दो, जनता की सेवा हमारा कर्तव्य है”
इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री Kailash Vijayvargiya का एक बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इंदौर में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज के कुछ लोगों द्वारा “काफिर” कहे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वे उन्हें काफिर मानते हैं तो उनकी बनाई सड़कों पर न चलें और सरकार की योजनाओं का लाभ भी न लें। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार और पार्टी ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और विकास कार्य सभी के लिए समान रूप से किए जाते हैं।
विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में दिया बयान
रविवार को इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित दो दिवसीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वार्ड क्रमांक-1 और वार्ड क्रमांक-5 में करीब 2 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपए की लागत से होने वाले 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया और क्षेत्रवासियों को इन परियोजनाओं की सौगात दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, भाजपा कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसी दौरान जनता को संबोधित करते हुए विजयवर्गीय ने विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।
“अगर हम काफिर हैं तो हमारी सड़क पर मत चलो”
अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने कहा कि जिन क्षेत्रों में विकास कार्य हो रहे हैं वहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मुस्लिम भाई उन्हें और उनके जैसे लोगों को “काफिर” कहते हैं।
उन्होंने कहा, “यहां सड़क बन रही है। यहां हिंदू भाई भी रहते हैं और मुस्लिम भाई भी रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमें काफिर बोलते हैं। अगर हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो। आपके घर में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा आ रहा है तो मत लो।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से भी इस बयान पर प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
सरकार की नीतियों का किया बचाव
हालांकि विजयवर्गीय ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने कभी किसी वर्ग या समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीति हमेशा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और विकास कार्य किसी राजनीतिक समर्थन या वोट के आधार पर नहीं किए जाते। उनका कहना था कि जनता उन्हें वोट दे या न दे, सरकार का कर्तव्य विकास करना और लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।
“वोट देंगे तो ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे”
अपने संबोधन के दौरान विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका दायित्व जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा, “आप वोट देंगे तो ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे, नहीं देंगे तो भी काम करेंगे, लेकिन काम जरूर करेंगे।”
इस बयान को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं। कुछ इसे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाला बयान मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
विकास कार्यों पर जोर
कार्यक्रम में मंत्री ने क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
विजयवर्गीय ने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचे, यही सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी विकास योजनाओं में सहयोग करने और समस्याओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की।
भाजपा कार्यकर्ता होना बताया सौभाग्य
अपने भाषण के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा कार्यकर्ता होने को अपना पहला सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए काम करना गर्व की बात है। वहीं जनता द्वारा जनप्रतिनिधि चुने जाने को उन्होंने दूसरा सौभाग्य बताया।
उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करना उनके जीवन का उद्देश्य है और इसी भावना के साथ वे लगातार क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं।
बयान पर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य प्रदेश में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बहस जारी है। उनके “काफिर” वाले बयान को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान को विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं के संदर्भ में दिया गया वक्तव्य बताया जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे लेकर सरकार और भाजपा पर सवाल उठा सकता है।
कुल मिलाकर, इंदौर के विकास कार्यक्रम में दिया गया कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर उन्होंने सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया, वहीं दूसरी ओर “काफिर” संबंधी टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में बहस को जन्म दे दिया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस