MP में रहस्यमयी सियासी संकट: एक महीने से लापता BJP विधायक, ‘मूसा गैंग’ के खौफ की चर्चा, पुलिस ने अफवाहों को बताया बेबुनियाद

मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल के 'मूसा गैंग' के खौफ और उनके रहस्यमयी ढंग से गायब होने के बीच रीवा की सड़कों पर 'मूसा' लिखी एक गाड़ी ने सनसनी फैला दी. हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस 'गैंग' वाले सस्पेंस से पर्दा उठा दिया है..

MP में रहस्यमयी सियासी संकट: एक महीने से लापता BJP विधायक, ‘मूसा गैंग’ के खौफ की चर्चा, पुलिस ने अफवाहों को बताया बेबुनियाद

मऊगंज के बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल एक महीने से गायब हैं. परिवार का दावा है कि मूसा गैंग से जान का खतरा है, जबकि पुलिस गैंग की बात को खारिज कर रही है.

मऊगंज में 'मूसा' लिखी गाड़ी सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई. विधायक प्रदीप पटेल पहले ही कथित मूसा गैंग से खुद और अपने परिवार को खतरा बता चुके हैं, ऐसे में शहर में इस तरह की गाड़ी दिखना कई सवाल खड़े कर रहा था.

मामला सामने आते ही रीवा पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आनन-फानन में गाड़ी को बरामद कर मालिक से पूछताछ की. पुलिस की जांच के बाद ASP आरती सिंह ने साफ किया कि इस गाड़ी का किसी भी गैंग से कोई संबंध नहीं है.

मूसा' लिखी गाड़ी..

रीवा में मूसा गैंग के अस्तित्व से इनकार करने वाले एसपी दिलीप सोनी के बयान के बाद मंगलवार रात गैंग की गाड़ी नजर आई। सफेद गाड़ी के पीछे मूसा लिखा है। इसका वीडियो वायरल हुआ। गाड़ी सतना नंबर की गाड़ी लकी अंसारी चला रहा था। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया, ड्राइवर ने कहा, सिद्धू मूसेवाला से प्रभावित हूं, इसलिए मूसा लिखवाया।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गाड़ी मालिक पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का फैन है और उसी के नाम से प्रेरित होकर उसने गाड़ी पर 'मूसा' लिखवाया है.

कथित मूसा गैंग से खुद को खतरा बताकर पिछले एक महीने से ज्यादा समय से लापता मऊगंज के बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का मामला राजनीतिक गलियारों में लगातार गरमाया हुआ है. इसी बीच रीवा की सड़कों पर 'मूसा' लिखी एक गाड़ी नजर आने से हड़कंप मच गया और मामले ने नया मोड़ ले लिया.

मूसा' नाम की कार ने रीवा पुलिस महकमे में मचाई हलचल

रीवा में 'मूसा' लिखी गाड़ी सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई. विधायक प्रदीप पटेल पहले ही कथित मूसा गैंग से खुद और अपने परिवार को खतरा बता चुके हैं, ऐसे में शहर में इस तरह की गाड़ी दिखना कई सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ ही राजनीतिक उबाल ला दिया है. 

विधायक जान बचाकर भागे

जानकारी के अनुसार, विधायक के लापता होने को लेकर हुए घटनाक्रम की शुरुआत 4 जनवरी 2026 को हुई थी, जब विधायक वे एक विवादित जमीन के मुद्दे पर धने पर बैठे हुए थे. उस दौरान भीड़ इतनी उग्र हो गई थी कि विधायक को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. इस घटना के बाद से ही प्रदीप पटेल सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं और किसी भी सार्वजनिक मंच पर नजर नहीं आए हैं. 

विधायक प्रदीप पटेल ने मूसा गैंग की धमकी के डर से शहर छोड़ दिया और रहस्यमयी तरीके से लापता हैं. अब पता चला है कि विधायक प्रदीप पटेल भोपाल में हैं. विधायक ने खुद को परिवार सहित भोपाल के एमएलए रेस्ट हाउस में कैद कर लिया है. विधायक प्रदीप पटेल अब मऊगंज से 605 किलोमीटर की दूरी पर नए ठिकाने पर मौजूद हैं. 

सांसद ने बताया था अवकाश

विधायक के लापता होने के मामले में बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा ने विधायक के गायब होने को महज एक अवकाश बताया है, लेकिन स्थानीय लोग और राजनीतिक जानकार इसे जमीन विवाद और गैंग के डर से जोड़कर देख रहे हैं. फिलहाल सत्ताधारी पार्टी के विधायक का अपने क्षेत्र को छोड़कर लापता हो जाना प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है.

व्यवस्था पर खड़े होते बड़े सवाल

आज सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि वाकई एक 'गैंग' के डर से गायब है,या फिर इस पूरी पटकथा के पीछे कोई बड़ी सियासी चाल है? अगर पुलिस कह रही है कि कोई गैंग नहीं है, तो फिर विधायक का परिवार घर में क्यों कैद है? और अगर वाकई जान का खतरा है, तो सरकार और प्रशासन ने अब तक विधायक को सुरक्षा का भरोसा दिलाकर उन्हें सामने क्यों नहीं लाया? विधायक प्रदीप पटेल जब तक खुद सामने आकर इस 'रहस्य' से पर्दा नहीं उठाते,तब तक मऊगंज की जनता और प्रशासन दोनों ही इस उलझन में रहेंगे.

नेताओं के अलग-अलग दावे और विपक्ष के सवाल

विधायक के गायब होने पर बीजेपी के अंदर से ही अलग-अलग सुर निकल रहे हैं. रीवा के बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा का कहना है कि हर व्यक्ति का निजी जीवन होता है और विधायक जी फिलहाल अवकाश (छुट्टी) पर हैं. वहीं, राज्यमंत्री राधा सिंह का दावा है कि विधायक जी शायद तीर्थ यात्रा पर गए होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वाकई में कोई खतरा होता तो सरकार अब तक घेराबंदी कर देती और मुख्यमंत्री मोहन यादव को इसकी पूरी जानकारी होगी. दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इस मुद्दे को लेकर सरकार और कानून-व्यवस्था पर हमलावर हैं.