एमपी के टीचर्स की छुट्टियां 7 जून तक बढ़ीं:अब 16 जून से खुलेंगे स्कूल, गर्मी को देखते हुए शिक्षकों का अवकाश बढ़ाया, 15 जून तक की थी मांग
मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग 4 लाख शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाकर अब 7 जून 2026 तक कर दिया गया है। इसके बाद स्कूलों के 16 जून 2026 से खुलने की संभावना जताई जा रही है।
मध्यप्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश में की 7 दिन की बढ़ोत्तरी।
मध्यप्रदेश में इस समय पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पदस्थ लगभग 4 लाख शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसके अनुसार अब शिक्षकों की छुट्टियां 7 जून 2026 तक प्रभावी रहेंगी। वहीं स्कूलों के पुनः संचालन की संभावित तारीख 16 जून 2026 बताई जा रही है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और दिन के साथ-साथ रातें भी असहज रूप से गर्म हो रही हैं।
शिक्षकों के अवकाश बढ़ाने का आधिकारिक आदेश
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शनिवार को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में प्रदेश में अत्यधिक गर्मी और हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। कई जिलों में तापमान लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया जा रहा है।
इस स्थिति को देखते हुए शिक्षकों के स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व में घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश को संशोधित किया गया है। अब यह अवकाश 1 मई 2026 से 7 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
यह आदेश राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों पर लागू होगा, जिनमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षक संगठनों की मांग का असर
इस निर्णय के पीछे शिक्षक संगठनों की सक्रिय भूमिका भी मानी जा रही है। हाल ही में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की गई थी।
संघ के प्रतिनिधियों ने यह भी तर्क दिया था कि गर्मी के मौसम में शिक्षकों को कई प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों जैसे जनगणना, परीक्षा परिणाम और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े कार्यों में भी शामिल होना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
सरकार ने इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
बच्चों की छुट्टियों पर भी निर्णय संभव
जहां शिक्षकों के अवकाश बढ़ाए गए हैं, वहीं अब छात्रों की गर्मी की छुट्टियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सरकारी स्कूलों में छात्रों की छुट्टियां 15 जून तक निर्धारित हैं, लेकिन भीषण गर्मी को देखते हुए इन्हें आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, छात्रों की छुट्टियां 22 जून तक बढ़ाई जा सकती हैं। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा मौसम की स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा।
यदि यह निर्णय लागू होता है तो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को भी अतिरिक्त अवकाश मिलेगा।
मौसम विभाग का ताजा अपडेट
मौसम विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में तापमान अत्यधिक दर्ज किया गया है।
नरसिंहपुर: 43.6°C (सबसे अधिक तापमान)
रायसेन: 43°C
विदिशा: 42.5°C
नर्मदापुरम: 42.5°C
राजगढ़: 42.4°C
खंडवा: 42.1°C
इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले में “गर्म रात्रि” (Warm Night) और सिवनी जिले में “तीव्र गर्म रात्रि” (Severe Warm Night) दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है।
हीटवेव का स्वास्थ्य पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ता तापमान और हीटवेव की स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। अत्यधिक गर्मी से डिहाइड्रेशन, लू लगना, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने शिक्षकों को राहत देने का निर्णय लिया है, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपने अवकाश का लाभ ले सकें।
स्कूल शिक्षा विभाग की भूमिका
इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग की रही है।
School Education Department Madhya Pradesh ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह से मौसमी परिस्थितियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य हित में लिया गया है।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि गर्मी का प्रकोप आगे भी जारी रहता है, तो छात्रों के शैक्षणिक कैलेंडर में आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं।
राज्य में गर्मी का बढ़ता संकट
मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में इस वर्ष गर्मी ने रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान रहने लगी हैं और लोग अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बच रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जहां पानी की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति पर भी गर्मी का असर देखा जा रहा है। कृषि कार्यों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।
प्रशासन की तैयारी और सलाह
राज्य प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे गर्मी के समय सावधानी बरतें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
इसके साथ ही स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने का निर्णय एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासन को भी मौसमी परिस्थितियों के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने का समय मिलेगा।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या छात्रों की छुट्टियां भी आगे बढ़ाई जाएंगी और स्कूलों के पुनः संचालन की तारीख में कोई बदलाव होता है या नहीं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस