वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: दो अहम MoU साइन, CM मोहन यादव बोले—मध्यप्रदेश निवेश का उभरता हब
वाराणसी में हुए एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों ने निवेश, ओडीओपी, धार्मिक पर्यटन और रोजगार पर चर्चा की। इस दौरान विश्वनाथ मंदिर-महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट और ओडीओपी उत्पादों के लिए एमओयू हुए। मुख्यमंत्री यादव ने मध्य प्रदेश में असीमित निवेश संभावनाओं और 70 हजार करोड़ से अधिक के निर्यात पर जोर दिया। दोनों राज्यों ने केन-बेतवा लिंक और सौर ऊर्जा जैसे साझा परियोजनाओं पर भी बात की।
वाराणसी में MP-UP साझेदारी मजबूत: दो महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर, निवेश को लेकर CM मोहन यादव का बड़ा बयान
वाराणसी में हुए मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन में दोनों राज्यों के बीच साझा विरासत को मजबूत करने और औद्योगिक व पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच तथा 'एक जिला एक उत्पाद' क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को निवेश की असीमित संभावनाओं वाला राज्य बताया, जहां से 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात होता है।
वाराणसी में 31 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए, जो दोनों राज्यों के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) क्षेत्र में सहयोग के लिए भी एक एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को औद्योगिक विकास के लिए असीमित निवेश संभावनाओं वाला राज्य बताया, जहां से 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात हो रहा है।
सम्मेलन के दौरान दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने लघु उद्योगों से लेकर धार्मिक पर्यटन और रोजगार के अवसरों पर गहन विचार-विमर्श किया। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं का प्रजेंटेशन दिया। इस मंच पर इस बात पर भी मंथन हुआ कि भविष्य में दोनों राज्य किन नए क्षेत्रों में एक साथ काम कर सकते हैं ताकि साझा विकास को गति मिले।
काशी विश्वनाथ धाम को दुनिया के सात पवित्र स्थलों में एक- सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में काशी विश्वनाथ धाम को दुनिया के सात पवित्र स्थानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर्मक्षेत्र में एक अद्भुत आयोजन है। डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में सुशासन की स्थापना और अधिकारियों द्वारा कानून-व्यवस्था व विकास की दिशा में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प बल पर ‘लाल सलाम’ को ‘आखिरी सलाम’ कर दिया गया है और मध्यप्रदेश भी अब नक्सल मुक्त हो चुका है। यह लोकतंत्र की स्थापना के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे पार कर लिया गया है।
सिंहस्थ में हम चाहते हैं ऐसा ही प्रबंधन
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन हो रहा है, उसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ में भी चाहते हैं। हमारा दौरा उसी की जानकारी लेने और योजना बनाने के लिए है। सभी राज्यों में बेहतर धार्मिक पर्यटन की व्यवस्था हो, धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी में बदलाव आए, इस पर विचार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक बनने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था बदल गई है। इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद यहां भी बदलाव आया है। सभी लोगों को साथ मिलाकर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम बाबा महाकाल और काशी विश्वनाथ को लेकर योजनाओं-जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके लिए हम एमओयू भी साइन करेंगे। हम प्रयास करेंगे कि दर्शन के लिए जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले। यहां हाल ही में प्रयागराज कुंभ हुआ है और उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। ऐसे में सुगमता बनी रहे, सारी व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए हमने प्रजेंटेंशन भी देखा
गरीबों की जिंदगी हो बेहतर
उन्होंने कहा कि मैं यहां एक और कारण से भी आया हूं। दोनों राज्यों के युवाओं को रोजगार मिले, गरीबों की जिंदगी बेहतर हो, उत्पादों की सही कीमत मिले, राज्य की समृद्धि हो-देश की समृद्धि हो, इसके लिए लघु उद्योगों के बीच कैसा समन्वय बनाया जाए, इसका भी अध्ययन किया जाएगा। इसे लेकर हमारा रोड शो भी होने वाला है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर मध्यप्रदेश में रिसर्च चल रही है, सरकार उसके लिए फैलोशिप भी दे रही है। उनके जीवन के विराट व्यक्तित्व पर बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-4-5 अप्रैल को महानाट्य का मंचन किया जाएगा। इसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे। हम इस महानाट्य की विधा को दोबारा जीवंत कर रहे हैं। वो समय चला गया जब राज्यों के बीच कटुता होती थी, अब सौहाद्र का समय है। हम केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर परियोजना पर उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस