घायल को देख रुका मंत्री का काफिला: शिवराज सिंह चौहान बोले—हादसों में मदद करें, मूकदर्शक न बनें
मानवता की मिसाल: सड़क पर घायल युवक को देख शिवराज सिंह चौहान ने रुकवाया काफिला, लोगों से की मदद की अपील
शिवराज सिंह चौहान की लोगों से अपील-सड़क हादसों में घायलों की मदद करें, तमाशबीन न बनें, हाल ही मैं सड़क पर तड़पते युवक को देख कृषि मंत्री ने रुकवा दिया काफिला
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी मदद की जाए तो जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अकसर लोग सड़क दुर्घटना के समय मोबाइल से वीडियो बनाते हैं और तमाशबीन बने रहते हैं, लेकिन एक मदद किसी की जान बचा सकती है। एक घटना का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "मैं भोपाल से ग्वालियर की ओर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। रास्ते में सड़क किनारे एक घायल युवक अचेत अवस्था में दिखाई दिया। चारों ओर भीड़ थी। लोग खड़े थे, देख रहे थे, पर कोई मदद के लिए आगे नहीं बढ़ रहा था। मैंने तुरंत गाड़ी रुकवाई, घायल युवक के पास पहुंचा और अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल ले गया। साथ ही डॉक्टर से बातचीत कर समुचित उपचार की व्यवस्था की। हमने अक्सर देखा है कि इस तरह की घटनाओं में हम मदद के लिए हाथ बढ़ाने की बजाय तमाशबीन बनकर देखते रहते हैं, जिससे कीमती समय व्यर्थ हो जाता है और घायल व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ जाता है।
एक अध्ययन के अनुसार हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल जाए, तो लगभग 50 प्रतिशत जीवन बचाए जा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "सोचिए, हमारी छोटी सी मदद और समय पर बढ़ाया गया एक हाथ कितनी माताओं की गोद सूनी होने से बचा सकता है, कितने बच्चों के सिर से पिता का साया हटने से रोक सकता है और कितनी बहनों के विश्वास को टूटने से बचा सकता है। मित्रों, किसी का जीवन बचाना सबसे बड़ा पुण्य है। सेवा ही सच्चा धर्म है और परोपकार ही हमारा कर्तव्य है। जब भी ऐसी स्थिति सामने आए तो आगे बढ़िए और मदद कीजिए। आपकी एक मदद किसी का जीवन बचा सकती है।"
उन्होंने कहा कि अकसर लोग मदद करने से डर जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि कानूनी झंझट का सामना करना पड़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। अब तो सरकार भी लोगों को प्रोत्साहित करती है कि वे सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करें।
बता दें भोपाल से ग्वालियर जाते समय एक घटना का जिक्र करते हुए चौहान ने बताया कि सड़क किनारे अचेत युवक को देखकर उन्होंने गाड़ी रोकी। भीड़ तो थी, लेकिन कोई मदद को तैयार नहीं। उन्होंने खुद युवक को अस्पताल ले जाकर इलाज की पुख्ता व्यवस्था की।
देश में हर साल डेढ़ लाख से ज्यादा लोग सड़क हादसों में मरते हैं। गोल्डन ऑवर में उपचार से 50 फीसदी जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
चौहान ने भावुक होकर कहा कि हमारी छोटी मदद से मां की कोख सूनी नहीं होगी, बच्चे अनाथ नहीं होंगे। जीवन रक्षा सबसे बड़ा धर्म है। मदद करने से कानूनी पचड़े का डर न पालें, सरकार अब ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। यह अपील हर नागरिक के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
इस वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने लिखा- “समय पर मिली मदद जीवन और मौत के बीच का अंतर तय करती है! हम अक्सर दूसरों की मदद करने से डरते हैं, लेकिन याद रखिए ‘Golden Hour’ (दुर्घटना के पहले 60 मिनट) में मिली मदद सबसे कीमती होती है।” उनका यह संदेश समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग कानूनी झंझट, समय की कमी या डर के कारण दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। लेकिन सच यह है कि पहले 60 मिनट, जिन्हें मेडिकल भाषा में गोल्डन आवर कहा जाता है, किसी की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। शिवराज सिंह चौहान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनके इस मानवीय कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि ऐसे नेताओं से ही समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस