मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे पीएम मोदी, मिडिट ईस्ट संकट से उपजे हालात पर हो रही चर्चा

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच पीएम मोदी आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बड़ी बैठक कर रहे हैं. रणनीतिक रूप से अहम इस खास बैठक में ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा को लेकर चर्चा

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे पीएम मोदी, मिडिट ईस्ट संकट से उपजे हालात पर हो रही चर्चा

पश्चिम एशिया संघर्ष पर देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता कर रहे हैं। वहीं,चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें भाग नहीं लेंगे। बता दें कि ईरान युद्ध के बाद देश में एलपीजी किल्लत को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसे लेकर विपक्ष सरकार को निशाने पर ले रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि देश में गैस और तेल की कोई कमी नहीं है और लोग पैनिक न करें।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिम एशिया संघर्ष पर हाईलेवल मीटिंग जारी है। इस बैठक में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा हो रही है। इसके अलावा इस बैठक में 'टीम इंडिया' की भावना से समन्वित प्रयासों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। हालांकि, आचार संहिता के कारण चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। वहीं, चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से आयोजित की गई 

भारत में लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार ने क्या कहा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को उन अफवाहों का पुरजोर खंडन किया जिनमें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और संभावित ईंधन की कमी के कारण भारत में लॉकडाउन लागू होने की बात कही गई थी।

नागरिकों को आश्वस्त करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने इन दावों को बेबुनियाद बताया और राजनीतिक चर्चाओं में फैल रही गलत सूचनाओं पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि कोविड-19 के दौरान जैसा लॉकडाउन हुआ था, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा।

हरदीप पुरी ने भी उनकी बात का समर्थन करते हुए इन अफवाहों को "गैरजिम्मेदाराना और हानिकारक" बताया और जनता से शांत रहने और घबराहट फैलाने वाली बातों में न बहकने का आग्रह किया।

पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित

दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि ईंधन या आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं होगी, सरकार वैश्विक घटनाक्रमों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर वास्तविक समय में बारीकी से नजर रख रही है।

निर्यात कर और तेल और ईंधन कंपनियों को वित्तीय सहायता जैसे उपायों का उद्देश्य ईंधन के निरंतर आयात, स्थिर घरेलू आपूर्ति और वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पुरी ने कहा, "हम उभरती चुनौतियों से निपटने और ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"

अफवाहों के खिलाफ कड़ा संदेश

सरकार ने विशेष रूप से संवेदनशील भू-राजनीतिक स्थितियों के दौरान अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन और पुरी दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि गलत सूचना अनावश्यक दहशत पैदा कर सकती है और नागरिकों से आधिकारिक संचार पर भरोसा रखने की अपील की।