सड़क सुरक्षा पर सख्त एक्शन मोड: स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, मॉडिफाइड साइलेंसर पर अभियान, लापरवाह चालकों के लाइसेंस निलंबन की तैयारी; सड़क किनारे खड़े वाहनों के लिए बनेगा होल्डिंग एरिया

उरई में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए हैं। बिना फिटनेस या परमिट वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।

सड़क सुरक्षा पर सख्त एक्शन मोड: स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, मॉडिफाइड साइलेंसर पर अभियान, लापरवाह चालकों के लाइसेंस निलंबन की तैयारी; सड़क किनारे खड़े वाहनों के लिए बनेगा होल्डिंग एरिया

स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच से लेकर मॉडिफाइड साइलेंसर, लापरवाह चालकों और सड़क किनारे खड़े वाहनों पर चलेगा अभियान

उरई ।मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा को लेकर दिए जा रहे निर्देशों तथा राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठकों में लिए गए निर्णयों के क्रम में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक कार्रवाई शुरू की जा रही है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर प्रभावी, नियमित एवं परिणामपरक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी तथा शासन द्वारा प्रत्येक माह जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जनपद में सड़क सुरक्षा संबंधी सभी अभियानों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा तय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित समस्त स्कूली वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों एवं परमिट की विशेष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में चलाए गए विशेष फिटनेस सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए बिना फिटनेस अथवा बिना परमिट संचालित स्कूल वाहनों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का आवागमन पूरी तरह सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे वाहन चालक जो यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हैं और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा-19 के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन एवं निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर अनियमित रूप से खड़े वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण पीछे से टकराने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसे रोकने के लिए जनपद में सुरक्षित होल्डिंग एरिया चिन्हित किया गया है जिसे जल्द ही निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए। जहां ऐसे वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित होल्डिंग एरिया का नोटिफिकेशन जारी कर वहां पुलिस पिकेट भी स्थापित किए जाएं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण के सम्बंध में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न एवं हूटर लगे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं बल्कि आमजन की शांति एवं सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसलिए इनके विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और नियमित चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने, सीट बेल्ट एवं हेलमेट का प्रयोग करने, ओवरस्पीडिंग से बचने तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा अभियानों को जनजागरूकता से जोड़ते हुए विद्यालयों, संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।