शहीदे आजम भगत सिंह डॉक्टर एवं राममनोहर लोहिया के सपनों का भारत आज तक नहीं बना...श्रीराम पाल

उरई में आयोजित एक गोष्ठी में पूर्व मंत्री श्रीराम पाल ने कहा कि भगत सिंह और राममनोहर लोहिया के सपनों का भारत आज तक साकार नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब देश को समतामूलक और शोषणमुक्त बनाया जाए।

शहीदे आजम भगत सिंह डॉक्टर एवं राममनोहर लोहिया के सपनों का भारत आज तक नहीं बना...श्रीराम पाल

उरई में गोष्ठी में नेताओं ने उठाए सामाजिक असमानता और भ्रष्टाचार के मुद्दे

जातिवाद और ऊंच-नीच को बताया देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा

उरई। शहीदे आजम भगत सिंह एवं समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया के सपनों का भारत आज तक नहीं बना। उनकी सही श्रद्धांजलि यही होगी। कि हम उनके सपनों का भारत बनाए। ये विचार पूर्व मंत्री श्रीराम पाल ने व्यक्त किए। वो आज स्थानीय जानकी पैलेस सभागार में जलसंघर्ष मोर्चा की ओर से शहीदे आजम भगतसिंह और डॉ राममनोहर लोहिया के सपनों का भारत कैसा बने। इस विषय पर आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस के बृजलाल खाबरी ने कहा कि हमारा देश सैकड़ों वर्षों इसलिए गुलाम रहा क्योंकि यहां ऊंच और नीच तथा जात प्रथा की गहरी खाई मौजूद रही। शहीदे आजम भगतसिंह, डॉ लोहिया तथा गौतमबुद्ध डॉ बाबा साहेब अंबेडकर, मान्यवर कांशीराम ये महापुरुष समतामूलक एवं शोषणविहीन समाज की स्थापना करना चाहते थे। हमें उन महापुरुषों के विचारों के आधार पर समाज का बढ़ाना चाहिए। पूर्व कमिश्नर एवं भाजपा के बरिष्ठ नेता शंभू दयाल ने कहा जातिवाद समाज की एक कठोर सच्चाई है। संप्रदायकिता और जातिवाद से ऊपर उठकर भगतसिंह और डॉ लोहिया,तथा गौतमबुद्ध, डॉ आंबेडकर,और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों का भारत बनाया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि सुरेश निरंजन भैया जी ने कहा कि भगतसिंह एवं डॉ लोहिया चाहते थे कि धर्म जाति के बिना भारत ऐसा देश बने। जो समतामूलक समाज और शोषणविहीन समाज का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने कहा ये महापुरुष चाहते थे। भारत का अन्यदाता किसान को उसकी फसलों का बाजिब मूल्य था बेरोजगारों को नौकरी और अपना कामधंधा शुरू करने के लिए सरकार से मदद मिले जो आजतक नहीं हो सका।

समाजवादी चिंतक अशोक गुप्ता महाबली ने कहा कि शहीदे आजम भगतसिंह ने लेख लिखकर कहा था। मैं नास्तिक हूं। क्योंकि वे नहीं चाहते थे। भारत ऐसा देश बने जिसमें संप्रदायकिता हो। इसी तरह डॉ लोहिया भी भगतसिंह की तरह शोषणविहीन भ्र्ष्टाचार से मुक्त समाज और देश बनाना चाहते थे। वो चाहते थे देश में महिलाओं को बराबरी का हक मिले। नौजवानों को काम मिले। और पढ़ाई और दवाई जनता को मुफ्त में मिले। लेकिन उनके सपनों का भारत अभी तक नहीं बन पाया है।

बरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक चिंतक अनिल शर्मा ने कहा कि शहीदे आजम भगतसिंह और डॉ, लोहिया के अलावा तथा गौतमबुद्ध डॉ आंबेडकर मान्यवर कांशीराम सहित सभी महापुरुष यह चाहते थे आजादी के बाद भारत शोषण से मुक्त जातिवाद से मुक्त भारत बने।श्री शर्मा ने कहा डॉ लोहिया का पूरे जीवन भर किसी बैंक में कोई खाता नहीं रहा। इसी तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय,मान्यवर कांशीराम, नामोंदर्री पाद ज्योति बसु, पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री, गुलजारी नन्दा,पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे नेता थे। जिन्होंने न अपनी कोठी बनाई, न कार खरीदी। न ही धन संपत्ति बढ़ाई। उसके उलट आजके अधिकांश विधायक व सांसद, मंत्री की नजर बालू घाट पर रहती है। वो विधायकी और सांसद के एक कार्यकाल में पांच पीढ़ियों का इंतजाम करना चाहते हैं। इसीका परिमाण है कि जहां पहले पूर्व मंत्री चतुर्बुज शर्मा, पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस, पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता ऐसे मुख्यमंत्री थे। जिनसे डीएम एसपी और प्रदेश के आलाधिकारी उनकी ईमानदारी और नेटटिकता के कारण थर थर कांपते थे। जबकि आज के तमाम जनप्रतिनिधि डीएम एसपी से लेकर दरोगा तक को साहब-साहब कहते नजर आते हैं। पहले के जनप्रतिनिधियों को समाज क्या कहेगा इसकी चिंता रहती थी। अब के अधिकांश की नजर सम्पत्ति बनाने पर रहती है। ऐसे जनप्रतिनिधि कैसे भगतसिंह और लोहिया के सपनों का भारत कैसे बना पाएंगे। पूर्व ब्लाक प्रमुख राखी राजपूत ने कहा भगत सिंह और डॉ लोहिया चाहते थे कि महिलाओं का समाज में उनका हक मिले। तथा शोषणविहीन और जातिविहीन समाज का निर्माण हो। इस अवसर पूर्व विधायक कप्तान सिंह राजपूत,सीपीआई के बरिष्ठ नेता सुधीर अवस्थी, पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, बसपा के बरिष्ठ नेता आत्माराम फौजी, सपा नेता जितेंद्र यादव, सपा नेता वीरेंद्र यादव, कांग्रेस के बरिष्ठ नेता चौधरी श्यामसुंदर, अनुराधा कठेरिया, कमल दोहरे, अकबाल सिंह पटेल, महबूब मुफ्ती, रामसिंह चौधरी आदि नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।इस अवसर पर गोष्टी की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध समाजसेवी रामकृष्ण शुक्ला ने कहा कि जातिविहीन शोषणविहीन और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाकर ही हम शहीदे आजम भगतसिंह और समाजवादी चिंतक डॉ राममनोहर लोहिया के सपनों का भारत बना सकते हैं। उन्होंने कहा हमारे ये महापुरुष हमसे यह उम्मीद करते हैं। कि हम उनके सपनों का भारत बनाए। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता गिरेंद्र से ने किया।