थाना प्रभारी समेत दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड,महिला के जेवर हड़पे : रीवा के मनगवां थाने में NDPS कार्रवाई के दौरान गबन; वीडियो वायरल होने पर IG का एक्शन

रीवा जिले के मनगवां थाना प्रभारी और उनके खास दो कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इन लोगों ने आरोपी के घर से सोने-चांदी के गहने जब्त किए थे, जिसे रिकॉर्ड में नहीं दिखाया। जांच के बाद सीनियर अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है

थाना प्रभारी समेत दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड,महिला के जेवर हड़पे : रीवा के मनगवां थाने में NDPS कार्रवाई के दौरान गबन; वीडियो वायरल होने पर IG का एक्शन

आरोपित पुलिसकर्मियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण को कमजोर करने और जब्त गांजे की मात्रा कम दर्शाने का आरोप है। विभागीय जांच में तीनों प्रथमदृष्ट्या दोषी पाए गए।

रीवा जिले के मनगवां थाने में एनडीपीएस (NDPS) कार्रवाई के नाम पर एक महिला के सोने के जेवर हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने जब्त की गई सोने की चेन और अंगूठी को न तो रिकॉर्ड में दर्ज किया और न ही मालखाने में जमा कराया। पीड़ित महिला का वीडियो वायरल होने के बाद आईजी गौरव राजपूत ने एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी (कार्यवाहक निरीक्षक) समेत तीन पुलिसकर्मियों को कल रात तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बारात से लौट रहे कुछ युवकों को पकड़कर थाने लाया था। पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई बताई थी। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने एक महिला की सोने की चेन और अंगूठी अपने पास रख ली। इन जेवरों का इस पूरे मामले या अपराध से कोई सीधा संबंध नहीं था।

वायरल वीडियो ने खोली पुलिस की पोल इस घटना के बाद पीड़ित महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो में महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए पुलिस द्वारा जेवर वापस न देने की शिकायत दर्ज कराई। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, मामला तूल पकड़ गया और पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया।

जांच में आचरण मिला ‘भ्रष्ट और संदिग्ध’ मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में कार्यवाहक निरीक्षक गजेंद्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव और आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया भ्रष्ट और संदिग्ध पाया गया। यह साबित हुआ कि ज्वेलरी जब्त करने के बाद उसकी विधिवत बरामदगी रिकॉर्ड में नहीं दर्शाई गई। इसके बाद रीवा आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी हेमंत चौहान, एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान और प्रभारी एसपी संदीप मिश्रा की मॉनिटरिंग में कल रात ही तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।

'लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी' निलंबन की इस कार्रवाई को लेकर आईजी गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया है कि, "पुलिस की कार्रवाई पारदर्शी और विधिसम्मत होनी चाहिए। जब्ती की गई सामग्री का रिकॉर्ड में उल्लेख अनिवार्य है। लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" अब इस मामले में आगे की विभागीय जांच की जा रही है और पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल होगी।

जेवरात की बरामदगी और वापसी 

जांच पूरी होने के बाद टीआई और दोनों आरक्षकों से महिला के जेवरात बरामद किए गए. आईजी रीवा गौरव राजपूत ने स्वयं सुनिश्चित किया कि जेवरात महिला को विधिवत रूप से वापस कर दिए जाएं. इससे पीड़िता को तत्काल राहत मिली और कार्रवाई की पारदर्शिता भी बनी रही.

जवाबदेही से समझौता नहीं- आईजी 

आईजी गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया कि पुलिस बल में अमानत में खयानत या किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि महिला की शिकायत पर नियमों के मुताबिक जांच हुई, आरोप सिद्ध होने पर निलंबन किया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. निलंबन के साथ ही विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू है. मनगवा थाना क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में नियमों के तहत आगे की कार्रवाई तय होगी.