खरीद में लापरवाही पर डीएम की सख्त चेतवानी लापरवाही पर होगी कार्यवाही-अनुपस्थित केंद्र प्रभारियों का वेतन रोका, उठान में ढिलाई पर कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जालौन और कौंच के गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जहां कई केंद्रों पर लापरवाही सामने आई। अनुपस्थित पाए गए केंद्र प्रभारियों का एक दिन का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए।
डीएम के औचक निरीक्षण में कई केंद्रों पर मिली गंभीर लापरवाही
पांच केंद्र प्रभारी अनुपस्थित, वेतन रोककर मांगा गया स्पष्टीकरण
उरई । जनपद में गेहूं खरीद व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जालौन एवं कौंच स्थित विभिन्न गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई केंद्रों पर व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पीसीएफ जालौन के कृषक सेवा केंद्र जालौन पर राजेन्द्र कुमार, बी-पैक्स सिहारी के गजेंद्र सिंह, बी-पैक्स जगनेवा के रवि शंकर, बी-पैक्स गढ़गुवा के बलराम तथा बी-पैक्स खर्रा के विनय कुमार पांचाल केंद्र प्रभारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने अनुपस्थिति केंद्र प्रभारियों के एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश के साथ स्पष्टीकरण मांगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी केंद्र प्रभारी नियमित रूप से अपने-अपने क्रय केंद्रों पर उपस्थित रहकर गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के केंद्र प्रभारी अनूप गुर्जर के अनुपस्थित पाए जाने पर जानकारी दी गई कि वे ई-पोस मशीन ठीक कराने गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि कोई केंद्र प्रभारी किसी आवश्यक कार्य से केंद्र से बाहर जाता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख भ्रमण पंजिका में किया जाना अनिवार्य होगा।निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि पीसीएफ द्वारा संचालित कौंच एवं जालौन के कई क्रय केंद्रों पर गेहूं का नियमित उठान नहीं हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देशित किया कि बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, सभी क्रय केंद्रों पर बारदाना समय से उपलब्ध कराया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और किसानों को सुचारु व्यवस्था का लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गेहूं खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्य किया जाए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस