ट्विशा शर्मा का नहीं होगा दोबारा पोस्टमार्टम, भोपाल की कोर्ट ने खारिज की परिवार की अर्जी:MP सरकार CBI जांच कराने लेटर लिखेगी; रिटायर्ड जज की बेल रिजेक्शन का आवेदन भी करेगी
भोपाल जिला अदालत ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कटारा हिल्स पुलिस को निर्देश दिए कि शव को डीकंपोज होने से बचाने के लिए प्रदेश की संसाधनयुक्त मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए।
ट्विशा शर्मा के परिवार वालों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने इसकी मंजूरी नहीं दी.
भोपाल में चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है। इस केस में बुधवार को कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। एक ओर भोपाल कोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम (सेकंड पोस्टमार्टम) कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश सरकार ने मामले की CBI जांच कराने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने का फैसला किया है। इसके साथ ही ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त कराने की कार्रवाई की भी तैयारी शुरू हो गई है।
मामले ने अब कानूनी, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्यसभा सांसदों और पूर्व सैनिक संगठनों तक ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
कोर्ट ने सेकंड पोस्टमार्टम की मांग खारिज की
भोपाल की अदालत में ट्विशा शर्मा के परिजनों की ओर से शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग रखी गई थी। परिवार चाहता था कि पोस्टमार्टम प्रदेश से बाहर किसी विशेषज्ञ संस्थान, विशेष रूप से दिल्ली AIIMS में कराया जाए। हालांकि न्यायाधीश अनुदित शर्मा की अदालत ने यह मांग खारिज कर दी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रदेश के बाहर दूसरा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति देना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अदालत ने इसके बजाय कटारा हिल्स थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए जहां वह लंबे समय तक संरक्षित रह सके।
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में शव भोपाल एम्स की मॉर्च्युरी में रखा गया है, जहां केवल माइनस 4 डिग्री तापमान की सुविधा उपलब्ध है। इस तापमान पर शव अधिकतम 4–5 दिनों तक सुरक्षित रह सकता है।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि लंबे समय तक शव संरक्षित रखना है तो माइनस 80 डिग्री तापमान की आवश्यकता होगी।
हाईकोर्ट जाएंगे परिजन
अदालत के फैसले के बाद ट्विशा शर्मा के परिजनों ने अब हाईकोर्ट जाने का निर्णय लिया है। परिवार दोबारा पोस्टमार्टम के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।
दिलचस्प बात यह रही कि ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से अदालत में लिखित आवेदन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सेकंड पोस्टमार्टम पर सहमति जताई है।
इस घटनाक्रम ने मामले को और जटिल बना दिया है क्योंकि परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बता रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवार को दिया आश्वासन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को ट्विशा शर्मा के परिजनों से मुलाकात की। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा पूर्व सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता देगी। उन्होंने कहा कि यदि अदालत दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति देती है तो सरकार शव को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि राज्य सरकार मामले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजेगी।
इसके अलावा सरकार रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत निरस्त कराने के लिए भी आवेदन दाखिल करेगी।
पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस
मामले में फरार चल रहे ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ भोपाल पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि विशेष जांच दल (SIT) सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को दूसरे पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा है।
पुलिस के अनुसार ट्विशा के गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने जैसे हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मौत के दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
हालांकि परिवार इस निष्कर्ष से सहमत नहीं है और हत्या तथा दहेज उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और DGP कैलाश मकवाना को पत्र लिखकर निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने सात दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है।
आयोग ने निम्न बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है—
एफआईआर में लगाई गई धाराएं
आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी की स्थिति
पासपोर्ट जब्ती की कार्रवाई
CCTV फुटेज की जांच
कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण
फोरेंसिक जांच की प्रगति
परिवार की सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रीय महिला आयोग ने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
विवेक तन्खा ने उठाई CBI जांच की मांग
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी मामले को लेकर चिंता जताई है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।
तन्खा का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
पूर्व सैनिकों की बाइक रैली, निष्पक्ष जांच की मांग
बुधवार को भोपाल में पूर्व सैनिकों ने भी मामले को लेकर प्रदर्शन किया। रिटायर्ड सैनिकों ने बाइक रैली निकालकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
रैली लाल परेड ग्राउंड पहुंची, जहां प्रतिनिधिमंडल ने स्पेशल डीजी अनिल कुमार शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
रिटायर्ड जनरल श्याम सुंदर श्रीवास्तव के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने परिवार की पांच प्रमुख मांगों को अधिकारियों के सामने रखा।
श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड जज को पद से हटाने की मांग
ट्विशा शर्मा के परिजनों ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने की मांग भी उठाई है।
इसके लिए राज्यपाल मंगूभाई पटेल को पत्र भेजा गया है।
परिजनों का कहना है कि गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या से जुड़ी एफआईआर दर्ज है, इसलिए उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
फिलहाल यह मांग प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है।
मामला अब कई स्तरों पर जांच के दायरे में
ट्विशा शर्मा मौत मामला अब केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है। अदालत, राज्य सरकार, राष्ट्रीय महिला आयोग, पुलिस, पूर्व सैनिक संगठन और राजनीतिक प्रतिनिधियों की सक्रियता के बाद यह बहुस्तरीय जांच का विषय बन गया है।
अब सभी की नजरें हाईकोर्ट में दाखिल होने वाली याचिका, संभावित CBI जांच और फरार आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ ले सकता है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस