लोकसभा में ‘यार’ शब्द पर बवाल, जब स्पीकर ने वेणु गोपाल को लगाई फटकार बोले- ये लोकसभा है, मजाक की जगह नहीं

ओम बिरला ने कहा कि अध्यक्ष के रूप में, यह मेरी जिम्मेदारी है कि सदन नियमों और परंपराओं के अनुसार कार्य करे. अध्यक्ष ने कहा कि सदन में किसी को भी बोलने से नहीं रोका जा रहा है और इस बात पर जोर दिया कि सदस्यों को नियमों का पालन करना चाहिए.

लोकसभा में ‘यार’ शब्द पर बवाल, जब स्पीकर ने वेणु गोपाल को लगाई फटकार बोले- ये लोकसभा है, मजाक की जगह नहीं

राहुल गांधी लोकसभा में जब बोल रहे थे, जोरदार हंगामा हुआ. इस दौरान एक सदस्य ने पीठासीन को यार कह दिया. इस पर भड़के पीठासीन ने सदस्यों को कड़ी फटकार लगाई.

लोकसभा में बजट सत्र के 5वें दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में फिर पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब का जिक्र कर दिया. राहुल को रोकने की कोशिश की गई, जिस पर विपक्षी सांसदों ने शोर मचा दिया. इस दौरान एक सांसद ने चेयर को यार कह दिया.

पीठासीन और वेणुगोपाल के बीच तल्ख बात चल ही रही थी कि पीछे से किसी ने यार कह दिया. इसके बाद भड़के पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने वेणुगोपाल को रोकते हुए उस सदस्य से कहा- आपने अभी क्या कहा? यह ‘यार’ क्या है? आप इस तरह चेयर से बात नहीं कर सकते. उन्होंने राहुल गांधी से बोलने के लिए कहा और ये भी जोड़ा कि आपको राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने का समय दिया गया है. पीठासीन ने वेणुगोपाल से कहा कि मैं उन्हें अवसर दे रहा हूं, वे बूोल सकते हैं. उन्हें (राहुल गांधी को) आपके समर्थन की जरूरत नहीं है.

इस पर राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर सर, यह कोई इजाजत नहीं है जो मुझे दी गई है. मैं इस देश का विपक्ष का नेता हूं. आप मुझे बोलने की अनुमति नहीं देते, यह मेरा अधिकार है. उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में उस रास्ते की बात है, जिस पर भारत को चलना है. उस दिशा की बात है, जिस दिशा में भारत को आगे बढ़ना है. राहुल गांधी ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मामलों में सबसे बड़ा मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच का टकराव है. यह हमारे राष्ट्रपति के अभिभाषण और हमारे बजट, दोनों का केंद्रीय विषय है.

राहुल ने संसद की गरिमा कम की: बीजेपी

बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले की अवहेलना करते हुए सदन में भारत-चीन सीमा मुद्दे पर अपने झूठे आरोपों से संसद की गरिमा को कम किया और भारतीय सैनिकों का मनोबल गिराया.लोकसभा में उस समय हंगामा हो गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण को उद्धृत करने का प्रयास करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधा.

उप सभापति ने 'यार' कहने पर लगाई फटकार

3 फरवरी 2026 को लोकसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई. दोपहर 3 बजे सदन शुरू होने पर उप सभापति कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने सदन में अनुशासन की याद दिलाई. जब कोई सदस्य चेयर को 'यार' कहकर संबोधित कर रहा था, तो उन्होंने कहा, 'अभी आपने क्या कहा... यह क्या है यार... यह संसद है, लोकसभा है... आप चेयर को यार नहीं कह सकते.'

बीजेपी सदस्यों ने किया कड़ा विरोध

हालांकि, रक्षा मंत्री और अन्य बीजेपी सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया और कांग्रेस नेता पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया.इस मुद्दे पर गतिरोध के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में उद्धृत नहीं कर सकते, हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया.

सेना का मनोबल गिराने की साजिश

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि यह जानबूझकर और भारत को बदनाम करने तथा देश की सेना का मनोबल गिराने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा था.रीजीजू ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें और भारत-विरोधी तत्वों की भाषा न बोलें. राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को राजनीतिक हथियार न बनाएं. उन्होंने कांग्रेस नेता से यह भी कहा कि उन्हें कांग्रेस सरकार के दौरान भारत के हिस्से को चीन के हाथों गंवाने पर देश से माफी मांगनी चाहिए.

एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर हुआ बवाल

राहुल ने 3 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे पूर्व आर्मी चीफ की अनपब्लिश्ड बुक के आर्टिकल को सदन में पेश किया और कहा, 'मुझे बोलने दिया जाए.' उनके यह कहते ही NDA के सांसदों ने टोकना शुरू कर दिया. आज वे 14 मिनट तक बोलने की कोशिश करते रहे. जनरल नरवणे की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, लेकिन दिसंबर 2023 में कुछ अंश न्यूज एजेंसी और मीडिया में आए थे.

एक मैगजीन ने हाल ही में इस किताब पर एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें 2020 के गलवान संघर्ष के दौरान राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं. राहुल गांधी ने इसे प्रमाणित किया और कहा कि उनके पास इसकी जानकारी सही है. कांग्रेस का कहना है कि सरकार नियमों का दुरुपयोग कर विपक्ष के नेता को चुप करा रही है.