MP में 13 राज्य प्रशासनिक और 9 पुलिस सेवा अधिकारियों को मिलेगा IAS-IPS अवॉर्ड, प्रमोशन प्रक्रिया अंतिम चरण में

वर्ष 2025 में रिटायर हुए प्रमोटी आईएएस और आईपीएस के रिक्त स्थानों पर पदोन्नति से इसी कैटेगरी के अधिकारियों की भर्ती की जाएगी।

MP में 13 राज्य प्रशासनिक और 9 पुलिस सेवा अधिकारियों को मिलेगा IAS-IPS अवॉर्ड, प्रमोशन प्रक्रिया अंतिम चरण में

UPSC, मुख्य सचिव और DGP की समिति करेगी अधिकारियों का मूल्यांकन

रिटायर्ड अधिकारियों से खाली हुए पदों को भरने की तैयारी

39 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों में से चुने जाएंगे 13 IAS

भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) और राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्ष 2026 में राज्य प्रशासनिक सेवा के 13 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और राज्य पुलिस सेवा के 9 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति दिए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। केंद्र और राज्य स्तर पर आवश्यक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित होने की संभावना है।

जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों के चयन के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों की एक विशेष चयन समिति गठित की जाएगी। यह समिति पात्र अधिकारियों के संपूर्ण सेवा रिकॉर्ड, वार्षिक गोपनीय चरित्रावली (ACR/CR), प्रशासनिक दक्षता, उपलब्धियों और सेवा प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। इसके बाद ही अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी।

रिटायरमेंट से खाली हुए पदों पर होगी नियुक्ति

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025 में कई प्रमोटेड IAS और IPS अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से दोनों अखिल भारतीय सेवाओं में पद रिक्त हुए हैं। इन्हीं रिक्तियों को भरने के लिए राज्य सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा IAS प्रमोशन के लिए पात्र अधिकारियों की सूची तैयार कर ली गई है, जबकि गृह विभाग ने IPS अवॉर्ड के लिए संभावित दावेदारों का पैनल तैयार किया है।

संबंधित अधिकारियों को उनके सेवा अभिलेख, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच और सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है।

39 अधिकारियों में से चुने जाएंगे 13 नए IAS

राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS बनने की दौड़ में इस बार कुल 39 अधिकारी शामिल हैं। जबकि रिक्त पदों की संख्या केवल 13 है। ऐसे में चयन प्रक्रिया काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहने वाली है। बताया जा रहा है कि इस सूची में मुख्य रूप से वर्ष 2007 और 2008 बैच के अधिकारी शामिल हैं।

इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड की गहन समीक्षा के बाद अंतिम नाम UPSC को भेजे जाएंगे। इसके बाद विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में इन नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। चयनित अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा का कैडर प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें राज्य और केंद्र सरकार में उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा।

कुछ अधिकारियों के नामों पर संशय

IAS प्रमोशन प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों के नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जानकारी के अनुसार 1999 बैच के जयेंद्र विजयवत और मनोज मालवीय उम्र संबंधी निर्धारित मानकों के कारण इस प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। वहीं 2002 बैच के अधिकारी कमल नागर का मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण उनके नाम पर विचार किया जाना मुश्किल माना जा रहा है।

इसके अलावा 2007 बैच की अधिकारी सपना एम. लोवंशी का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही एक जांच के कारण अंतिम चयन सूची में उनका नाम शामिल होना मुश्किल हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय चयन समिति द्वारा ही लिया जाएगा।

इन अधिकारियों के नाम चर्चा में

IAS पदोन्नति के संभावित दावेदारों में मिनिषा पांडे, इला तिवारी, नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह सोलंकी, रानी पासी, रंजना देवड़ा, माधवी नागेंद्र, वर्षा सोलंकी, प्रियंका गोयल, अभिषेक दुबे, नरोत्तम प्रसाद भार्गव, निधि सिंह राजपूत, निमिषा जायसवाल और संदीप सोनी सहित कुल 39 अधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

इन सभी अधिकारियों ने राज्य प्रशासनिक सेवा में लंबे समय तक कार्य करते हुए विभिन्न जिलों और विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। अब इनके प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।

IPS अवॉर्ड प्रक्रिया भी अंतिम चरण में

दूसरी ओर राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को IPS कैडर प्रदान करने की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में पहुंच गई है। कुल 9 रिक्त पदों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक बुलाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

इस बार मुख्य रूप से वर्ष 1997 और 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग द्वारा अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और गोपनीय प्रतिवेदन एकत्रित किए जा रहे हैं।

27 पुलिस अधिकारी दौड़ में शामिल

IPS बनने की दौड़ में कुल 27 राज्य पुलिस सेवा अधिकारी शामिल हैं। इनमें सीताराम, अमृत मीणा, निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा और सत्येंद्र सिंह तोमर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।

इन अधिकारियों के प्रशासनिक अनुभव, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान और सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर 9 अधिकारियों का चयन IPS कैडर के लिए किया जाएगा।

दो मामलों पर विशेष नजर

IPS चयन प्रक्रिया में दो अधिकारियों के मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अमृत मीणा के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विवाद और राजेश मिश्रा के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के कारण उनके मामलों में अंतिम निर्णय DPC की बैठक के दौरान लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक यदि जांच पूरी नहीं होती है तो चयन समिति इन अधिकारियों के परिणाम सीलबंद लिफाफे में रखने का निर्णय भी ले सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही इनके नामों पर अंतिम फैसला किया जाएगा।

DPC बैठक पर टिकी निगाहें

प्रशासनिक और पुलिस महकमे में फिलहाल आगामी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो जल्द ही 13 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को IAS और 9 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को IPS कैडर मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे न केवल अधिकारियों के करियर में बड़ा बदलाव आएगा, बल्कि राज्य प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को भी अनुभवी नेतृत्व मिलेगा