टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी CAIT की केंद्र सरकार से अपील: कपड़ा बाज़ारों में संगठित आर्थिक अपराधों पर ‘विशेष आर्थिक अपराध’ कानून लागू करें; साइबर धोखाधड़ी पर कठोर क़ानून बनाने की मांग।
CAIT की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने देशभर के कपड़ा बाज़ारों में बढ़ते संगठित आर्थिक अपराध और ऑनलाइन–साइबर धोखाधड़ी पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से एक कठोर राष्ट्रीय कानून लागू करने की मांग की है। इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को विस्तृत पत्र भेजा गया है, जिसकी प्रतिलिपि गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष सिंघवी और CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल को भेजी गई है।
कपड़ा बाज़ारों में बढ़ते संगठित आर्थिक अपराधों पर CAIT की केंद्र सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग; विशेष कानून, संपत्ति फ्रीज़ और राष्ट्रीय धोखाधड़ी निगरानी ग्रिड बनाने का आग्रह
सूरत,कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने देश के कपड़ा बाज़ारों में तेज़ी से बढ़ते संगठित आर्थिक अपराधों और ऑनलाइन-साइबर धोखाधड़ी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। CAIT ने केंद्रीय गृह मंत्री माननीय श्री अमित शाह जी को एक विस्तृत पत्र भेजकर इन खतरों से निपटने के लिए एक कठोर राष्ट्रीय प्रवर्तन तंत्र लागू करने का विनम्र अनुरोध किया है।
इस पत्र की प्रतिलिपि (CC) गुजरात के उप-मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री हर्ष सिंघवी जी और सांसद एवं राष्ट्रीय महामंत्री (CAIT) श्री प्रवीण खंडेलवाल जी को भी भेजी गई है।
टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने जानकारी देते हुए बताया कि सूरत, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कानपुर, हैदराबाद, पुणे, तिरुपुर, इरोड और मालेगांव जैसे प्रमुख कपड़ा व्यापार केंद्रों में अपराधी गिरोह फर्जी फर्मों, दलालों और एजेंटों के माध्यम से एक ही समय में 15–20 व्यापारियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की सामूहिक चिटिंग को अंजाम दे रहे हैं।
*संगठित अपराध का नया पैटर्न*
श्री बोथरा ने बताया, "अपराधियों ने अब एक नेटवर्क-आधारित प्रणाली विकसित कर ली है। वे अलग-अलग राज्यों में अपने लोगों के नाम से दुकानें खोलते हैं, शुरू में विश्वास जीतते हैं, और फिर धीरे धीरे भारी मात्रा में माल उठाकर सामूहिक रूप से दुकानें बंद करके फरार हो जाते हैं। जमानत पर छूटने के बाद यही अपराधी नए नामों और नए GST पंजीकरण के साथ तुरंत दोबारा अपराध करते हैं, जिससे MSME व्यापार का विश्वास गहराई से हिल गया है।"
इसके अतिरिक्त, WhatsApp, Telegram, UPI, और फर्जी डिजिटल इनवॉइस के माध्यम से होने वाली साइबर-आधारित व्यापारिक धोखाधड़ी भी अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है, जो देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
*CAIT की 10 सूत्रीय राष्ट्रीय मांगें*
CAIT ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि व्यापारियों को सुरक्षा, स्थिरता और न्याय प्रदान करने के लिए निम्नलिखित कठोर राष्ट्रीय सुधारों को तत्काल लागू किया जाए:
1. संगठित कपड़ा धोखाधड़ी को “विशेष आर्थिक अपराध” घोषित किया जाए: इसके तहत गैर-जमानती प्रावधान, त्वरित जांच, शीघ्र आरोप-पत्र, 3–10 वर्ष की सख्त सजा, तथा Repeat Offender पर दोगुनी सजा लागू की जाए।
2. सामूहिक धोखाधड़ी को “विशेष समूह आर्थिक अपराध” घोषित किया जाए।
3. संपत्ति को तत्काल ‘सील एवं फ्रीज़’ किया जाए: FIR दर्ज होते ही आरोपी के बैंक खाते, UPI ID, गोदाम, स्टॉक और संपत्तियों को तत्काल सील एवं फ्रीज़ किया जाए।
4. राष्ट्रीय व्यापार धोखाधड़ी निगरानी ग्रिड बनाई जाए: सभी राज्यों की FIR को एकीकृत किया जाए और Repeat Offender चेतावनी प्रणाली सक्रिय की जाए।
5. ब्रोकर–एजेंट का अनिवार्य पंजीकरण: आधार, फोटो और पुलिस सत्यापन आधारित अनिवार्य पंजीकरण लागू हो।
6. कपड़ा धोखाधड़ी निरोधक विशेष कार्यबल का गठन: (आर्थिक अपराध शाखा, साइबर इकाई, GST और बैंकिंग विशेषज्ञों के साथ)।
7. ऑनलाइन/साइबर धोखाधड़ी को “गंभीर आर्थिक अपराध” घोषित किया जाए।
8. डिजिटल Forgery पर कठोर दंड: नकली UPI स्लिप और फर्जी स्क्रीनशॉट पर IT अधिनियम + IPC के तहत सख्त सजा अनिवार्य की जाए।
9. राष्ट्रीय साइबर व्यापार धोखाधड़ी पोर्टल बनाया जाए: शिकायत दर्ज होते ही आरोपी के बैंक और UPI लेनदेन स्वतः रोक दिए जाएँ।
10. ‘उच्च-जोखिम धोखाधड़ी झंडा प्रणाली’ (High-Risk Fraud Flag) राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जाए।
CAIT की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने माननीय गृह मंत्री जी से विनम्र आग्रह किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कपड़ा व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता के लिए इन कठोर एवं राष्ट्रीय स्तर के निर्णयों को तत्काल लागू किया जाए।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस