केंद्रीय बजट 2026: टेक्सटाइल–गारमेंट MSME के लिए वित्त, कौशल और निर्यात को बढ़ावा, चम्पालाल बोथरा (CAIT)
CAIT के टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय बजट 2026 को MSME आधारित टेक्सटाइल–गारमेंट उद्योग के लिए सकारात्मक और संतुलित बताया। बजट में सस्ता वित्त, आसान ऋण, क्रेडिट गारंटी, कौशल विकास, FTA का लाभ और निर्यात प्रोत्साहन जैसी वर्षों पुरानी मांगों को जगह मिली है
केंद्रीय बजट 2026 में टेक्सटाइल–गारमेंट MSME को सस्ता वित्त, कौशल विकास और निर्यात बढ़ाने का मजबूत समर्थन
सूरत,कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट टेक्सटाइल एवं गारमेंट आधारित MSME सेक्टर की वर्षों पुरानी मांगों को संबोधित करने वाला है। उन्होंने कहा कि बीते कई वर्षों से CAIT द्वारा MSME टेक्सटाइल–गारमेंट उद्योग के लिए निर्यात प्रोत्साहन, FTA का प्रभावी लाभ, सस्ता वित्त और कौशल विकास की आवश्यकता लगातार उठाई जाती रही है, जिसे इस बार के बजट में स्पष्ट रूप से स्थान मिला है।
श्री बोथरा ने कहा कि माननीय वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण में टेक्सटाइल सेक्टर का बार-बार उल्लेख किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार अब इस उद्योग को केवल पारंपरिक क्षेत्र नहीं बल्कि उत्पादन, रोजगार और निर्यात का रणनीतिक स्तंभ मान रही है। बजट में टेक्सटाइल–गारमेंट उद्योग से जुड़े उत्पादन बढ़ाने, रोजगार सृजन, MSME को सशक्त करने, कौशल विकास, FTA और निर्यात विस्तार जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को समाहित किया गया है।
उन्होंने कहा कि MSME सेक्टर, जो टेक्सटाइल उद्योग की रीढ़ है, के लिए वर्किंग कैपिटल, आसान ऋण, क्रेडिट गारंटी और ब्याज दर में राहत के संकेत स्वागतयोग्य हैं। इससे बुनकरों, पावरलूम, प्रोसेसिंग यूनिट्स, जॉबवर्क और गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स को उत्पादन बढ़ाने और नए निवेश के अवसर मिलेंगे।
श्री बोथरा के अनुसार, बजट में मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) को टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्यात से जोड़ने का दृष्टिकोण अत्यंत सकारात्मक है। इससे रेडीमेड गारमेंट्स, मैन–मेड फाइबर, होम टेक्सटाइल और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को नए अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेंगे और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कौशल विकास और उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में MSME को नई ताकत देंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और निर्यातोन्मुख उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 MSME आधारित टेक्सटाइल–गारमेंट उद्योग के लिए वित्त, कौशल, उत्पादन, FTA और निर्यात को एक साथ जोड़ने वाला संतुलित बजट है। यदि इन घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो भारतीय टेक्सटाइल एवं गारमेंट MSME सेक्टर आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस