सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी करोड़ों की सौगात, नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन -कृषि सखियों की ट्रेनिंग और 10 स्टार्टअप्स को 108 लाख की मिली मदद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में कृषि मंथन 2026 कार्यक्रम में भाग लिया। जवाहर लाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कृषि क्षेत्र से जुड़ी नई तकनीकों और योजनाओं का अवलोकन किया, इसी के साथ कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर पहुंचे और कृषि मंथन 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने 13 करोड़ रुपये की लागत वाले नए भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया और कृषि क्षेत्र की न्यू तकनीक और परियोजनाओं का अवलोकन किया.
जबलपुर :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को जबलपुर पहुंचे. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंथन कार्यक्रम में हिस्सा लिया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "कृषि के मामले में मध्य प्रदेश का प्रदर्शन बहुत अच्छा है. कई मामलों में तो हम हरियाणा व पंजाब को भी पीछे छोड़ चुके हैं."
निर्धारित कार्यक्रम में नहीं पहुंचे कई मंत्री
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के अलावा कृषि मंत्री, पशुपालन मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री सभी को शामिल होना था और किसानों के मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री के अलावा केवल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे. पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को सौगात
कृषि विश्वविद्यालय बालाघाट में 1 करोड़ रुपये से बने कौशल विकास केन्द्र का लोकार्पण किया गया. जबलपुर में 1.26 करोड़ रूपये से बने स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केन्द्र को भी लोकार्पित किया गया. इसके साथ ही किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 4 करोड़ 92 लाख रूपये से निर्मित चार इकाइयों का भी लोकार्पण किया गया.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जवाहर डिजिटल स्कैनर एवं कृषि अनुसंधान ट्रैकिंग एप का विमोचन किया. कार्यक्रम के दौरान 10 स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को 108 लाख रुपए की राशि भी वितरित की गई.
मध्य प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है "यह साल मध्य प्रदेश सरकार कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है. इसी के चलते यह कृषि मंथन कार्यक्रम रखा गया. हम किसानों से जुड़े हुए उपकरण और दूसरे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं." जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रमोद मिश्राने कहा "मध्य प्रदेश खाद्यान्न के क्षेत्र में द्वितीय स्थान पर है. दलहन, तिलहन में द्वितीय स्थान पर है. मूंगफली के उत्पादन में मध्य प्रदेश तृतीय स्थान पर है."
"जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय ने 47 फसलों की 345 उत्कृष्ट किस्म को विकसित किया है. हमारी यूनिवर्सिटी में सोयाबीन की 23 और गेहूं की 1100 किस्म के अनाजों के जीनोम सुरक्षित हैं."
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय कृषि विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में तकनीक, कौशल और बाजार को जोड़ने पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1000 कृषि सखियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी शुरुआत की. इस कार्यक्रम में जवाहर चारा डिजिटल स्कैनर और कृषि अनुसंधान ट्रैकिंग एप का विमोचन किया गया. इसके साथ ही, केंद्र सरकार से वित्त पोषित 10 स्टार्टअप्स को ₹108 लाख की सहायता मंजूर की गई.
इसके अलावा, अलग-अलग योजनाओं के तहत किसानों और पशुपालकों को हितलाभ वितरित किए गए. इनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत ₹1.03 करोड़ से अधिक की सहायता भी शामिल है. कृषि मंथन 2026 को प्रदेश में कृषि इनोवेशन, टेक्नोलोजिकल अपग्रेडेशन और किसान सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस