20 ग्राम पंचायतें घोषित आदर्श ग्राम, 09 गांवों में विकास कार्य प्रगति पर, गैप-फिलिंग कार्यों हेतु 20 लाख रुपए प्रति ग्राम से बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी

सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आवास, विद्युत एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियों में सुधार, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण एवं कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य कराए जाएंगे। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति बहुल गांवों का एकीकृत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो।

20 ग्राम पंचायतें घोषित आदर्श ग्राम, 09 गांवों में विकास कार्य प्रगति पर, गैप-फिलिंग कार्यों हेतु 20 लाख रुपए प्रति ग्राम से बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी

20 ग्राम पंचायतें घोषित आदर्श ग्राम

09 गांवों में विकास कार्य प्रगति पर

प्रत्येक ग्राम को 20 लाख रुपए से गैप-फिलिंग निधि

उरई । भारत सरकार की प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) के अंतर्गत जनपद के उन 144 अवशेष गांवों, जिनमें 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति आबादी निवास करती है, में से 57 चयनित गांवों के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक आयोजित की गई।
समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत जनपद की 20 ग्राम पंचायतों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है, जबकि 09 गांवों में विकासात्मक कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। शेष चयनित गांवों के लिए तैयार की गई ग्राम विकास योजना (VDP) एवं प्रस्तावित कार्यों के आगणन को समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक चयनित गांव को 20 लाख रुपए से अधिक की गैप-फिलिंग निधि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा जो अब तक केंद्र अथवा राज्य की अन्य योजनाओं में आच्छादित नहीं हो सकी थीं। इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस योजना के तहत पेयजल आपूर्ति, शौचालय निर्माण, आंतरिक संपर्क सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आवास, विद्युत एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियों में सुधार, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण एवं कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य कराए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि अनुसूचित जाति बहुल गांवों का एकीकृत एवं समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी प्रशांत पांडे, समाज कल्याण अधिकारी  प्रवीण सिंह सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।