9 लाख रुपये के लेनदेन ने रिश्तों में घोला जहर, फूफा पर भतीजे को कार में डालकर अगवा करने का आरोप; पत्नी की शिकायत पर तीन के खिलाफ मुकदमा, तलाश में जुटीं पुलिस की तीन टीमें

जालौन के आटा थाना क्षेत्र में 9 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर फूफा-भतीजे के बीच विवाद सामने आया है। आरोप है कि हमीरपुर निवासी फूफा अजय प्रजापति अपने दो साथियों के साथ गांव पहुंचा और भतीजे रोहित प्रजापति को कार में बैठाकर ले गया। रोहित की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तीन टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

9 लाख रुपये के लेनदेन ने रिश्तों में घोला जहर, फूफा पर भतीजे को कार में डालकर अगवा करने का आरोप; पत्नी की शिकायत पर तीन के खिलाफ मुकदमा, तलाश में जुटीं पुलिस की तीन टीमें

नौ लाख रुपये के विवाद में भतीजे के अपहरण का आरोप, पत्नी की शिकायत पर तीन के खिलाफ मुकदमा

उरई। जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में नौ लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित अपहरण तक पहुंच गया। ग्राम बारा निवासी एक युवक को उसके फूफा द्वारा कार में बैठाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है। युवक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की तलाश के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है, जो विभिन्न जनपदों में दबिश दे रही हैं।

जानकारी के अनुसार आटा थाना क्षेत्र के ग्राम बारा निवासी रोहित प्रजापति मजदूरी का काम करता है। बताया गया कि लगभग एक वर्ष पूर्व उसके फूफा अजय प्रजापति, जो मूल रूप से जनपद हमीरपुर के ग्राम अटगांव के निवासी हैं और दिल्ली में प्रॉपर्टी से जुड़े कार्य करते हैं, ने रोहित को अपने साथ काम करने के लिए बुलाया था। रोहित अपने दो अन्य साथियों के साथ दिल्ली चला गया, जहां तीनों को अजय प्रजापति ने 15-15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर काम पर रख लिया।

परिवारिक रिश्ते और आपसी विश्वास के चलते अजय प्रजापति कई बार धनराशि रोहित के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देते थे और आवश्यकता पड़ने पर रकम निकलवा लेते थे। आरोप है कि करीब दो माह पूर्व अजय ने रोहित के बैंक खाते में लगभग नौ लाख रुपये जमा कराए थे। बाद में जब उन्होंने रकम वापस मांगी तो रोहित ने धनराशि लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि इसी रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

रोहित के परिजनों का आरोप है कि मंगलवार की रात अजय प्रजापति अपने दो साथियों के साथ कार से ग्राम बारा पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रोहित को जबरन कार में बैठाया और अपने साथ लेकर चले गए। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। काफी तलाश के बावजूद रोहित का कोई सुराग नहीं मिलने पर उसकी पत्नी ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और पूरे घटनाक्रम की शिकायत की।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनय कुमार स्वयं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अजय प्रजापति समेत तीन लोगों के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला केवल अपहरण का नहीं बल्कि बड़े वित्तीय लेनदेन से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए जांच के दौरान दोनों पक्षों के दावों और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि नौ लाख रुपये किस उद्देश्य से रोहित के खाते में भेजे गए थे और उस रकम का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार ने बताया कि मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से लिया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी और युवक की बरामदगी के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल रोहित का पता नहीं चल सका है। पुलिस की प्राथमिकता उसकी सकुशल बरामदगी है। वहीं गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जा सके।